आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के अन्नप्राशन व गर्भवती महिलाओं की गोद भराई जैसे कार्यक्रम भी होंगे। इस अवसर वहां उत्सव का माहौल रहेगा।
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महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों से जोड़ने के लिए प्रदेश सरकार इस तरह के पारंपरिक कार्यक्रम शुरू कर रही है। पहले चरण में प्रदेश के 41 जनपदों में यह योजना शुरू होगी।
सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों को समाज से और ज्यादा जोड़ना चाहती है। वर्तमान वित्त वर्ष में इन कार्यक्रमों के लिए सरकार ने 7.31 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इसे बचे हुए दो महीनों में खर्च करना होगा। इस आयोजन के लिए 41 जनपदों के 97,478 आंगनबाड़ी केंद्रों को चुना गया है।
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इस तरह के कार्यक्रम कराने का मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों तक लेकर आना है। केंद्र में आने के बाद महिलाओं व बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराने के लिए पोषाहार भी दिया जाएगा।
इसके साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी यहां दी जा सकेगी। समय-समय पर महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण भी यहां होगा।
इस पर बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार के निदेशक आनन्द कुमार सिंह का कहना है कि संबंधित जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारियों को इस आयोजन के लिए एडवांस में पैसा दे दिया गया है।
आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्त्री व मातृ समिति की अध्यक्ष के संयुक्त बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर किया गया है। कार्यक्रम कराने के बाद 31 मार्च तक खर्च की जाने वाली धनराशि का विवरण देना होगा।