केंद्र सरकार का पहला आम बजट पेश होने के घंटे भर के बाद ही राजधानी में सोना और चांदी की कीमतों को पंख लग गए। सोना 600 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी एक हजार रुपये किलो महंगी हो गई।
सोना व चांदी की इस बढ़ी कीमत ने संकेत दे दिया कि जल्द ही इनके दाम में और इजाफा होगा। अगर इनकी कीमतों में कमी नहीं हुई तो इनकी तस्करी बढ़ेगी।
लखनऊ सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष रवींद्र रस्तोगी ने गुरुवार को बताया कि लोकसभा चुनाव से पहले प्रतिनिधि मंडल ने भाजपा के शीर्ष नेताओें से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपकर सोने व चांदी से उत्पाद शुल्क घटाने की गुजारिश की थी।
उत्पाद शुल्क कम होने से कीमतें कम होती और तस्करी पर अंकुश लगता। लेकिन केंद्रीय बजट ने सराफा जगत को निराश किया है।
उन्होंने बताया कि दोपहर 1:15 बजे बजट पेश होने के समय तक सोना 26,800 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी 44,800 रुपये प्रति किलो बिक रही थी।
लेकिन बजट भाषण समाप्त होने के घंटे भर के भीतर दोपहर 2:15 बजे सोना 27,400 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी 45,800 रुपये प्रति किलो हो गया।
एसोसिएशन के महामंत्री प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री को सोने एवं चांदी से उत्पाद शुल्क घटाने एवं बढ़ाने का अधिकार है। सराफा कारोबारी उनसे मुलाकात कर लोकसभा चुनाव पूर्व किया गया गया वादा याद दिलाएंगे। हो सकता है शायद इससे उत्पाद शुल्क में कटौती हो जाए।