फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्य कर्मचारी सम्मेलन: जानें, क्या रहे मुद्दे?

Sat, 12 Jul 2014 09:13 AM IST
शोभित श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का 36वां महाधिवेशन शुक्रवार से शुरू हो गया।
विज्ञापन


दो दिवसीय अधिवेशन के पहले दिन पुरानी पेंशन नीति बहाल करने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई।

इसमें कहा गया कि प्रदेश सरकार पुरानी पेंशन नीति लागू करके एक नजीर पेश कर सकती है।

मुख्य अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि वे कर्मचारियों की समस्याएं सीधे निस्तारित नहीं कर सकते हैं क्योंकि यह सरकार का काम है।

हालांकि उन्होंने सदन के माध्यम से कर्मचारियों की समस्या सरकार तक पहुंचाने की बात कही है।

पीडब्ल्यूडी के विश्वेश्वरैया प्रेक्षागृह में आयोजित महाधिवेशन में विधानसभा अध्यक्ष ने कर्मचारियों से कहा कि जब आपकी बात सरकार तक नहीं पहुंच पाती तो ऐसे वक्त पर धरने और आंदोलन की जरूरत पड़ती है।
विज्ञापन


लेकिन इसका भी ध्यान रखना चाहिए कि इससे जनता प्रभावित न हो।

प्रमुख अतिथि के रूप में परिषद के संस्थापक महामंत्री एवं राज्यसभा के पूर्व सांसद पीएन सुकुल ने कहा कि कर्मचारियों की हितों की रक्षा का साहस कम ही लोगों में होता है।

निजी स्वार्थों के चलते कर्मचारियों के बीच विघटन की राजनीति होने से संघों और परिषदों की शक्ति कम हो रही है।

कर्मचारी इस बात से भली भांति अवगत हो लें कि यही वास्तविक और संवैधानिक रूप से बनी हुई असली परिषद है। बाकी की दो परिषदें कर्मचारियों को गुमराह कर रही हैं।
विज्ञापन


परिषद के अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ने कहा कि आज प्रदेश का कर्मचारी जायज समस्याओं से जूझ रहा है। जबकि कुछ संगठन कर्मचारी हित छोड़कर अपना हित साधने में लगे हैं।

यही कारण है कि मुख्य सचिव के स्पष्ट आदेश के बावजूद कर्मचारियों की जायज समस्याओं का निराकरण भी समय पर नहीं हो रहा है।

प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दुबे ने अधिवेशन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर प्रदेश भर से विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

आज होगा परिषद का चुनाव
12 जुलाई को परिषद की प्रदेश कार्यकारिणी का चुनाव होगा। दोपहर ढाई बजे चुनाव बाद शाम को मतगणना होगी। शाम को ही परिणाम घोषित होंगे।

शुक्रवार को उद्घाटन सत्र के बाद दूसरे सत्र में बजट प्रस्तुत किया गया। इससे पहले सत्र में नौकरशाही के टालू रवैये पर चिंता जताई गई।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें