सेना के एक जवान को खाकी वर्दीधारी बदमाशों ने शनिवार आधी रात राजधानी में चलती ट्रेन से अगवा कर लिया। जमकर पिटाई करने के बाद तमंचा सटाकर उससे लूटपाट की। पीड़ित जवान किसी तरह जीआरपी थाने पहुंचा तो फरियाद दर्ज करने की जगह उसे भगा दिया गया।
मिलिट्री पुलिस के पहुंचने पर भी जीआरपी ने मामला दर्ज करने की जहमत नहीं उठाई। मामला जब जीआरपी के आला अफसरों तक पहुंचा तब शिकायत दर्ज की जा सकी।
फैजाबाद निवासी और सिग्नल कोर में छतरपुर की 14 ग्रुप इकाई में तैनात जवान ब्रजेंद्र कुमार शुक्ल शनिवार को साबरमती एक्सप्रेस से झांसी के लिए रवाना हुआ था। उसे रविवार को अपनी यूनिट में रिपोर्ट करना था।
बदमाशों का साथी भी था वर्दी में
ट्रेन में एस-8 की सीट नंबर 71 पर ब्रजेंद्र का आरक्षण था। रात करीब 11:30 बजे ट्रेन चारबाग से छूटकर आरडीएसओ के पास पहुंची ही थी कि एक बदमाश ब्रजेंद्र के सिर के नीचे रखा बैग लेकर भागने लगा। ब्रजेंद्र ने उसे दबोच लिया।
तभी बदमाश का एक और साथी पहुंच गया और ब्रजेंद्र को धक्का देकर चलती ट्रेन से कूद गया। उसके पीछे ब्रजेंद्र भी कूदा और दोनों से मोर्चा ले लिया। तभी उसकी नजर वहां खाकी वर्दीधारियों पर पड़ी।
जीआरपी का जवान समझ कर उसने मदद की गुहार लगाई, लेकिन वर्दीधारियों ने मदद की बजाय ब्रजेंद्र की पिटाई शुरू कर दी। ट्रेन के चले जाने पर वर्दीधारियों और दोनों बदमाशों ने तमंचा सटाकर ब्रजेंद्र को एक गाड़ी में बैठा लिया और रात करीब 12:30 बजे बाबू जगजीवन राम अकादमी ले गए।
वहां रेलवे कॉलोनी के खंडहर हो चुके एक मकान में हाथ-पैर बांधकर उसे मारते रहे और एटीएम कार्ड छीन लिया। फिर असलहा तानकर जवान से एटीएम कार्ड का पिन नंबर पूछा, लेकिन ब्रजेंद्र ने गलत पिन नंबर बता दिया। बदमाश एटीएम पहुंचे तो गलत पिन कोड होने पर वापस आ गए। इस बार गाड़ी में डालकर दोबारा ब्रजेंद्र को एटीएम तक ले गए और 18 हजार रुपये निकालकर भाग गए।
गाली देकर भगा दिया
बदहवासी की हालत में ब्रजेंद्र पुलिस से मदद की गुहार लगाता रहा। पुलिस ने पल्ला झाड़ते हुए उसे चारबाग स्टेशन जाने की सलाह दी। सुबह चार बजे किसी तरह पैदल ही वह चारबाग स्टेशन पहुंचा। वहां तैनात डयूटी अफसर और दीवान को अपना परिचय देते हुए ब्रजेंद्र ने आपबीती सुनाई।
जीआरपी ने मामला दर्ज करने की जगह उल्टा ब्रजेंद्र को अपशब्द कहते हुए भगा दिया। वहां से ब्रजेंद्र प्लेटफार्म एक पर स्थित एमसीओ ऑफिस तक पहुंचा और बेहोश हो गया। सुबह पांच बजे जब सेना पुलिस के जवान डयूटी पर पहुंचे तो उन्होंने ब्रजेंद्र को पानी पिलाकर होश में लाया।
सारी घटना सुनने के बाद मिलिट्री पुलिस ब्रजेंद्र को लेकर चारबाग जीआरपी के पास वापस पहुंची। वहां कहा गया कि जब इंस्पेक्टर शिव प्रकाश सोनकर आदेश देंगे तब ही मामला दर्ज होगा। सुबह दस बजे इंस्पेक्टर थाने पहुंचे, लेकिन मिलिट्री पुलिस की कहने बावजूद ब्रजेंद्र को न उपचार मुहैया कराया गया और न ही मामला दर्ज किया गया।
लुटेरों का अड्डा बना चारबाग स्टेशन
-पिछले साल 12 अक्तूबर को पांच किलो सोने की सूचना पर पूरबिया एक्सप्रेस से एक यात्री सुनील का फैजाबाद के माफिया प्रमोद कुमार सिंह के गुर्गों ने चारबाग रेलवे स्टेशन से कर लिया अपहरण।
-जुलाई 2014 में बरौनी मेल से चारबाग स्टेशन पर एसी बोगी में चढ़ते हुए रेलवे इंजीनियर की पत्नी का जेवरों से भरा सूटकेस लेकर चोर फरार
-जुलाई 2014 में ही चारबाग स्टेशन के पास सियालदह एक्सप्रेस से एक परिवार का जेवरात से भरा बैग लेकर चोर चंपत हुए
-मई 2014 में एक वेंडर का चारबाग स्टेशन से अपहरण कर लिया गया। भुक्तभोगी थाने पर पहुंची तो जीआरपी डयूटी प्रभारी ने उससे 12 हजार रुपये लेकर वापस भगा दिया
-जून 2014 में तोपखाना बाजार के निवासी सेना के जवान की पत्नी का नोटों से भरा बैग प्रथम श्रेणी प्रवेश द्वार के पास से उड़ाया। वीडियो फुटेज में दिखने के बावजूद मामला दर्ज नहीं हुआ
-जून 2014 लखनऊ जंक्शन पर खड़ी चेन्नई एक्सप्रेस के जनरल बोगी में यात्रियेां को बैठाने के लिए वसूले गए हर यात्री से 50 रुपये, शिकायत पर हुई शिनाख्त परेड।
अपहरण और फिर लूट के इस सनसनीखेज मामले को जीआरपी ने अपने अधिकारियों तक को नहीं बताया। एसपी रेलवे एसके सक्सेना को भी इस पूरे प्रकरण की जानकारी घटना के 13 घंटे के बाद मीडिया से मिली।
मामले पर एसपी रेलवे एसके सक्सेना ने कहा कि मुझे जीआरपी इंस्पेक्टर ने इस मामले की सूचना नहीं दी। मीडिया से जो भी जानकारी मिली है उसकी जांच के लिए सीओ प्रथम आरडी यादव को भेजा गया है। मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।