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Bahraich: बॉर्डर पर तैनात अग्निवीर की संदिग्ध हालात में मौत, भाई बोला- कल ही बात हुई तब तो ठीक था

Wed, 28 Aug 2024 05:15 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच

सार

कोलकाता से 160 किमी दूर बॉर्डर पर तैनात एक अग्निवीर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। भाई ने बताया कि हमें दिलीप की तबीयत खराब होने की बात कहकर सूचित किया गया था।
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जवान जमुना प्रसाद। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बहराइच जिले में तहसील नानपारा अंतर्गत गुरघुट्टा गांव में रहने वाले जवान की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। गुरघुटृटा निवासी दिलीप निषाद (21) पुत्र जमुना प्रसाद तीन वर्ष पूर्व अग्निवीर के माध्यम से सेना में भर्ती हुआ था और बांग्लादेश में ट्रेनिंग के पश्चात कोलकाता से 160 किमी दूर बार्डर पर तैनात हुआ था।

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कल रात में तबियत बिगड़ी होने की सूचना हेड क्वार्टर से प्राप्त हुई और माता पिता को साथ लेकर आने की बात कही गई। भाई विनोद निषाद ने बताया कि फिर हमें मृत्यु हो जाने की सूचना दी गई। हम लोग रास्ते में ही हैं।

विनोद ने कहा कि कल ही दोपहर हमारी बात हुई थी तब तक मेरा भाई ठीक था। पता नहीं कैसे मृत्यु हो गई। दिलीप ने प्राथमिक शिक्षा गांव से लेकर शंकर इंटर कालेज से इंटर की परीक्षा पास की। दिलीप दूसरे नंबर का भाई है। दिलीप के तीन भाई व दो बहनें हैं। पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
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दिलीप निषाद की मौत के बारे में उसका शव लेने गये भाई विनोद निषाद ने फोन पर बताया कि हम सभी लोग कोलकाता से लगभग 200 किलोमीटर दूर कोलकाता पानागढ़ बांग्लादेश बॉर्डर पर हैं जहां पर भाईतैनात था। यहां पर आर्मी के अधिकारियों ने भाई का शव हमें दिखाया और बताया कि आपके भाई की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई है। शव अभी पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। 

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद सारी जानकारी स्पष्ट हो जाएगी। विनोद ने बताया कि रात्रि 8:00 बजे भाई का शव उन्हें आर्मी द्वारा दिया जाएगा जिसे लेकर वह यहां से 200 किलोमीटर दूर कोलकाता पहुंचेंगे जहां से हवाई जहाज से लखनऊ आएंगे। लखनऊ से एंबुलेंस की मदद से उसे घर लाया जाएगा।

दिलीप निषाद अपने भाइयों में सबसे छोटा था उसने इंटर की पढ़ाई करने के बाद आर्मी फोर्स में जाने की तैयारी शुरू कर दी थी और लगभग डेढ़ से 2 साल की कड़ी मेहनत से उसने यह सफलता अर्जित कर ली थी और अग्निवीर में आरक्षी के पद पर तैनाती मिली थी।

जमुना प्रसाद निषाद के तीन बेटे जिसमें विनोद सबसे बड़ा बेटा तथा दूसरे नंबर पर संतोष और सबसे छोटा दिलीप था। जमुना प्रसाद की दो बेटियां थीं। बड़ी बेटी मंजू देवी की शादी हो गई है। दूसरी बेटी पूजा घर पर रहती है। जमुना प्रसाद अपने परिवार का पालन पोषण खाद और मोबाइल की दुकान से करते थे।

जमुना प्रसाद अपने गांव के प्रधान भी रह चुके हैं जिससे उनका समाज में काफी मान सम्मान था। बेटे की मौत की घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोगों ने अपनी दुकान बंद कर रखी है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही मां का रो-रो कर बुरा हाल है। वहीं भाई दोस्त भी बुरी तरह रो रहे हैं। घटना के बाद से परिजनों के मुंह में अन्न का एक दाना भी नहीं गया है। हर तरफ रोने और बिलखने की आवाज गूंज रही है। घटना से पूरा गांव दुखी है
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