रविवार का दिन अब्दुल्ला वीमेंस कालेज की छात्राओं के लिए किसी त्योहार से कम नहीं था। पहली बार कालेज की छात्राएं मौलाना आजाद लाइब्रेरी में गईं थी। दो दिन पहले ही छात्राओं को लाइब्रेरी में जाने की अनुमति मिली है।
अनुमति के चलते एएमयू में खास बवाल भी हुआ था। पिछले काफी समय से एएमयू के अब्दुल्ला वीमेंस कालेज की छात्राएं मौलाना आजाद लाइब्रेरी में जाने की मांग कर रही थीं।
छात्राओं का कहना था कि उन्हें भी लाइब्रेरी में जाकर किताबों का लाभ लेने दिया जाए। हाल ही में इस संबंध में एएमयू वीसी जमीरउद्दीन शाह के एक बयान के बाद खासा विवाद हुआ था। कई दिन तक यह मामला सुर्खियों में रहा था।
मामला कोर्ट में भी पहुंच गया था। इन्हीं सब के चलते दो दिन पहले वीसी ने छात्राओं के लाइब्रेरी में की घोषणा की थी। छात्राओं के लिए सुबह आठ बजे से पूर्वाह्न 11 बजे तक का वक्त तय किया गया है।
कालेज की प्रिंसिपल प्रो. नईमा खातून ने बताया कि रविवार को छात्राओं के लिए दो बसों की व्यवस्था की गई थी। लेकिन पहला दिन होने और रविवार के चलते सिर्फ आठ छात्राएं ही लाइब्रेरी पहुंचीं।
छात्राओं के साथ कालेज की दो टीचर भी थीं।
सूत्रों की मानें तो लाइब्रेरी में छात्राओं के लिए अलग से एक रजिस्टर बनाया गया है। जिसमें छात्राओं के आने-जाने, उनका नाम, क्लास और कालेज की जानकारी दर्ज की जा रही है।