अनशन पर बैठे महंत राम परमहंस दास।
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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए तपस्वी छावनी रामघाट के पीठाधीश्वर महंत राम परमहंस दास ने आज (सोमवार) सुबह से अमारण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगर मंदिर न बना तो मैं प्राण दे दूंगा। मेरे प्राण देते ही सौ करोड़ हिंदू इतने उग्र हो जाएंगे कि भाजपा सरकार के सामने मजबूरी हो जाएगी कि मंदिर निर्माण हो। केंद्र सरकार को 2019 चुनाव के पहले इस संदर्भ में कोई निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मैं राजनीति से प्रेरित होकर अनशन नहीं कर रहा हूं। कहा गया था कि जब केंद्र में भाजपा की सरकार आएगी तो अयोध्या में मंदिर बनेगा। अब भाजपा का कार्यकाल भी पूरा होने वाला है। ये बेहद शर्मनाक है कि सौ करोड़ हिंदुओं के होने के बावजूद अयोध्या में मंदिर नहीं बन सका है। इसके लिए सैकड़ों कारसेवकों ने जान दी है। उन्होंने कहा कि जब एससी एसटी एक्ट के लिए केंद्र सरकार कानून ला सकती है तो राम मंदिर के लिए क्यों नहीं ला सकती।
उन्होंने कहा कि मंदिर का इंतजार करते-करते पीढ़ियां समाप्त हो गईं। अशोक सिंघल ने अपना पूरा जीवन खपा दिया। जब कोई प्रयास सफल नहीं हुआ तो अनशन को ब्रम्हास्त्र के रूप में प्रयोग कर रहे हैं।
इसके पहले महंत परमहंस दास को अनशन से रोकने के लिए कई नेताओं और प्रशासनिक अफसरों ने कोशिश की पर वो नहीं माने।