जांच में पता चला कि अहमद रजा वर्ष 2020 से पाकिस्तान निवासी खादिम हुसैन रिजवी और हसन रजा नक्शबंदी की यूट्यूब पर जिहादी तकरीर सुनने लगा था। इसमें भारत के खिलाफ दुष्प्रचार होता था। रिजवी बोलता था कि भारत में मुस्लिम भाइयों पर अत्याचार हो रहा है।
अरबी भाषा के जरिये किया संपर्क
आतंकी संगठनों से प्रभावित होकर अहमद रजा पाकिस्तानी लोगों से संपर्क साधने लगा। वह फेसबुक मैसेंजर के जरिये अरबी भाषा में उनसे संपर्क करने का प्रयास करता था। इस दरम्यान वह कश्मीर के फिरदौस के संपर्क में आया, जो हिजबुल मुजाहिदीन की पीर पंजाल तंजीम से जुड़ा है। फिरदौस ने उसे कश्मीर बुलाकर तंजीम में शामिल होने के लिए वफादारी की शपथ दिलाई थी।
एटीएस की हिरासत में पिता, चल रही पूछताछ
एटीएस ने अहमद रजा के पिता फिरासत हुसैन को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अब टीमें जांच पड़ताल कर रही हैं कि हिस्ट्रीशीटर फिरासत हुसैन ने भविष्य में पुलिस से बचने के लिए शातिर दिमाग लगाकर बेटे को 2020 में बेदखल किया था या फिर हकीकत में ही वह उसकी गलत संगत से परेशान था। बावजूद इसके वह बार-बार अपने घर आता था लेकिन परिवार ने कभी भी पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी। पूछताछ में पता चला कि फिरासत हुसैन भी अपराधी रहा है। उसके खिलाफ 1989 में भोजपुर में डकैती का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके अलावा 1991 में फिरासत हुसैन की हिस्ट्रीशीट खोली गई थी।