मृतक के भाई ने तीन दिन पहले सिपाही के घर आने व बहन से झगड़ा करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि शनिवार को उसके जीजा के घर से जाने के बाद बहन की हत्या सिपाही ने की है। मृतक के मोबाइल में कई रहस्य है, जिनकी जांच पुलिस नहीं कर पा रही है।
सीसीटीवी फुटेज में दिखने वाले की नहीं हो पाई पहचान
महिला व्यवसायी के घर के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे में 9 बजकर 23 मिनट पर पति बाहर निकला। उसके बाद नौ बजकर 29 मिनट पर दुकान के पीछे साइड से एक अज्ञात व्यक्ति दुकान के अंदर जाते दिखा है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लिया है, लेकिन 24 घंटे बाद भी फुटेज में दिखने वाले की पहचान नहीं कर पाई है।
आखिरकार किसे बचा रही पुलिस
महिला व्यवसायी की हत्या मामले में आखिरकार पुलिस किसे बचा रही है। पति को हिरासत में लेना, पति की बातों पर यकीन नहीं करना और जांच से पहले ही आत्महत्या की बात कहना किसी को समझ नहीं आ रहा है। लोग दबी जुबान कह रहे हैं कि पुलिस सिपाही को बचाने को किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
सिपाही के खिलाफ पति ने दी तहरीर
शव पहुंचने के बाद परिजनों का प्रदर्शन देख पुलिस के हाथ पांव फूल गए। परिजनों की मांग व जिद को देखते हुए आखिरकार पुलिस ने आलोक अग्रहरि की तहरीर ली। तहरीर पर आलोक अग्रहरि ने सिपाही का नामजद करते हुए कई आरोप लगाए हैं।
मामले की होगी निष्पक्ष जांच
सपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी। मृतका के भाई की ओर से शनिवार को आरोप लगाए जाने के बाद पति को हिरासत में लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं आई। हर पहलू की जांच हो रही है। जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।