हरमीत बुधवार दोपहर अपने रिश्तेदार को अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल पर छोड़ने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि इस टर्मिनल पर किसी को ड्रॉप कर लौटने में कम से कम सात मिनट लगते हैं। ऐसे में टिकट बूथ से आने और वापस जाने तक 600 मीटर की दूरी आखिर तीन मिनट में कैसे तय की जा सकती है। दूसरे जाम लगने पर यह असंभव हो जाता है। तीन मिनट से ज्यादा समय होते ही 30 रुपये ले लिए गए।
केस-2
दीपक कश्यप 12 साल से एयरपोर्ट के लिए टैक्सी चला रहे हैं। पहले यात्री को छोड़ने के लिए आठ मिनट मिलते थे, अब तीन मिनट मिलते हैं। दो-तीन सेकंड तक ऊपर होने पर भी टिकट काट दिया जाता है।
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तीन मिनट की क्या कीमत है, यह जरा अमौसी एयरपोर्ट पर यात्रियों को छोड़ने आने वालों से पूछिए। इन 180 सेकंड में ही इन्हें यात्री को टर्मिनल पर छोड़कर 600 मीटर की दूरी तय कर वापस लौटना होगा। इसमें कुछ सेकंड की भी देरी हो गई तो 30 रुपये देने पड़ेंगे। एयरपोर्ट आने वाले वाहन चालक रोजाना इस चुनौती से दो-चार हो रहे हैं।
गलत पार्किंग पर 500 रुपये जुर्माना
पैसे वसूलते कर्मचारी
- फोटो : amar ujala
कोरोना काल में जहां एयरपोर्ट प्रशासन को आम आदमी को राहत देनी चाहिए, उसने निजी ठेकेदारों की कमाई कराने के लिए फिर टोकन प्रणाली को लागू कर दिया। यहां तीन मिनट में पिक एंड ड्रॉप के नाम पर लूट चल रही है। एयरपोर्ट प्रशासन से शिकायत पर भी राहत नहीं मिल रही है।
एयरपोर्ट पर यात्रियों को छोड़ने के लिए पहले आठ मिनट मिलते थे, जिसे अब तीन मिनट कर दिया गया है। इतने कम समय में ड्रॉप कर वापस निकलना मुश्किल हो रहा है। खास तौर से दोपहर में जब उड़ानें सबसे ज्यादा हैं। टैक्सी ड्राइवर अमित सिंह ने बताया कि पहले पिक एंड ड्रॉप का बूथ डॉमेस्टिक टर्मिनल से काफी पहले था, अब इसे टर्मिनल से बमुश्किल 50 मीटर की दूरी पर फिक्स कर दिया गया है।