राजधानी लखनऊ में सोमवार को अमर उजाला कृषिका कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सुबह 10 बजे से हुआ। इसका समापन शाम 5 बजे हुआ। कार्यक्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर सीएम ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया।
औषधीय व सगंध पौधों की खेती के जरिये किसान, कम लागत व समय में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं। केंद्रीय औषधीय व सगंध पौध संस्थान (सीमैप) की मदद से जुड़कर बड़ी संख्या में किसान इसका लाभ उठा रहे हैं। ये कहना है सीमैप के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रमेश कुमार श्रीवास्तव का। वे कृषिका कार्यक्रम के तीसरे सत्र की पैनल चर्चा में बोल रहे थे।
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उन्होने बताया कि सीमैप से विकसित उन्नत मेंथा प्रजाति को कम सिंचाई की जरूरत होती है। यह कम समय में तैयार भी होती है। वैश्विक मांग को देखते हुए भारत सीमैप की मदद से दुनिया का 80 फीसदी मेंथा ऑयल का उत्पादन कर रहा है। देश का 80 फीसदी मेंथा ऑयल का उत्पादन सिर्फ यूपी में हो रहा है। सीमैप के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार ने सीमैप की ओर से चल रहे जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी।
उद्यान विभाग के उप निदेशक डॉ. डीके वर्मा ने बताया कि किसानों को जागरूक करने वाले कार्यक्रमों के लिए सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने ड्रैगन फ्रूट की खेती के फायदों और सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी के बारे में जानकारी दी। फल निर्यातक किसान दयाशंकर ने बताया कि किस तरह विश्वस्तरीय आम का उत्पादन कर कई गुना मुनाफा कमाया जा सकता है। कहा, इसी का नतीजा है कि आज दशहरी, आम्रपाली व चौसा की विदेश में मांग बढ़ी है।
छतों पर भी उगा सकते हैं औषधीय पौधे
सीमैप के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेश वर्मा ने बताया कि संस्थान से विकसित औषधीय पौधे छत पर भी उगाए जा सकते हैं। कालमेघ, अश्वगंधा, तुलसी, सतावर, गिलोय, लेमनग्रास, एलोवेरा जैसे औषधीय पौधों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बड़ी आसानी से इन्हें घर के गमलों और छतों पर उगाया जा सकता है। इनकी पौध को सीमैप से मामूली कीमत से खरीदा जा सकता है।