अमर सिंह ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता का मतलब स्वाभिमान त्यागना नहीं है। मैं अशफाक उल्ला खां और अबुल कलाम जैसे राष्ट्रवादी मुसलमानों का सम्मान करता हूं, लेकिन आजम का नहीं जिन्होंने मुलायम सिंह के जन्मदिन समारोह के बाद अबू सलेम और दाउद को आदर्श बताया था। जिसने पीएम नरेंद्र मोदी को आतंकवादी बताया है और भारत माता को डायन कहा।
अमर ने कहा, मैंने बड़ी स्क्रीन पर इस वीडियो को गांव-गांव और गली-गली नहीं दिखाया तो क्षत्रिय नहीं हूं। क्षत्रिय का अर्थ समझाने के लिए उन्होंने ये लाइनें पढ़ीं... ‘12 बरस तक कुकुर जीवे, 16 बरस तक जिये सियार, बरस 18 क्षत्रिय जीवे, आगे जीवन को धिक्कार।’ उन्होंने कहा, मैं उनकी एक-एक चुनौती का सामना करने को तैयार हूं। ईंट का जवाब पत्थर से नहीं दिया तो क्षत्रिय की औलाद नही हूं।