निरालानगर में लगी मिट्टी के दीयों व बर्तनों की दुकान व खरीदारी करते ग्राहक।
लखनऊ। दीपावली पर पूजा सामग्री से लेकर घरों की सजावट के लिए स्वदेशी वस्तुएं बाजारों की रौनक बढ़ा रही हैं। वहीं, मिट्टी के दीयों, खिलौनों के साथ मिट्टी से बने बर्तनों की भी चमक बढ़ गई है। सेहत और पर्यावरण के प्रति जागरूक लोग मिट्टी के बर्तनों को खास तरजीह दे रहे हैं।
निरालानगर स्थित मिट्टी के वस्तुओं के विक्रेता गयासुद्दीन ने बताया कि इस बार मिट्टी के कैसरोल, हांडी, डिनर सेट, जैसे बर्तन भी बनाकर बेच रहे हैं। इन्हें चार साल तक इस्तेमाल किया जा सकता है। सबसे अधिक कैसरोल और हांडी की मांग है। गैस पर भी हांडी में खाना पका सकते हैं। ऐसे में लोग इसे खरीदना पसंद कर रहे हैं। दो दिन के अंदर 115-120 हांडी बिक चुकी हैं। इससे 25,000 रुपये तक आय हुई है। सामान्य दिनों में बहुत कम बिक्री होती है। दीपावली तक दो लाख रुपये से अधिक की बिक्री होने की उम्मीद है।
वहीं, खरीदारी कर रही एक महिला ने बताया कि सेहत को ध्यान में रखते हुए वह मिट्टी की वस्तुएं खरीद रही हैं। साथ ही, स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देना भी मकसद है।
ये है कीमत
कैसरोल
300-400 रुपये
हांडी
250-300 रुपये
डिनर सेट 300-400 रुपये
गिलास
50-60 रुपये
थाल
100-150 रुपये
कप सेट
100-150 रुपये
निरालानगर में लगी मिट्टी के दीयों व बर्तनों की दुकान व खरीदारी करते ग्राहक।