मुख्य सचिव आलोक रंजन ने पुलिस अधिकारियों को अपने जिलों में अति संवेदनशील स्थानों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों को चिह्नित करें जहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगता है। ऐसे स्थानों पर पुलिस पिकेट लगाई जाए। यहां के पुलिस कर्मियों की जवाबदेही तय की जाए।
मुख्य सचिव शनिवार को कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जनपद, थाना एवं तहसील स्तर पर गठित शांति समितियों की बैठक नियमित रूप से कराकर सांप्रदायिक सद्भाव का वातावरण तैयार किया जाए।
कोई अप्रिय घटना न घटित होने पाए। उन्होंने कहा कि शराब की दुकानों के बाहर खाने-पीने के ठेलों पर यदि शराब पी जा रही है तो उन्हें तत्काल हटवा दिया जाए।
महत्वपूर्ण पर्वों पर सार्वजनिक स्थलों तथा भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जहां महिलाओं के साथ छेड़खानी, चेन स्नैचिंग एवं लूटपाट की घटनाओं की आशंका हो वहां सघन चेकिंग की जाए। खुफिया इकाई असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी के लिए उनको टारगेट व सूचीबद्ध करें।
संवेदनशील स्थानों में पुलिस क्षेत्राधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार तथा थाना प्रभारी भ्रमण कर कार्रवाई करें।
बैठक में पुलिस महानिदेशक एएल बनर्जी, सचिव गृह राजीव अग्रवाल, कमल सक्सेना, अपर पुलिस महानिदेशक सुतापा सान्याल सहित कई अफसर मौजूद थे।
इनका रखें विशेष ध्यान
-विद्यालयों के बाहर व सड़क पर छेड़खानी न होने पाए
-धार्मिक स्थलों, निजी व सार्वजनिक संपत्तियों पर आपत्तिजनक पोस्टर न लगने पाएं
-शराब के ठेकों के आसपास, सिनेमाघर, रेलवे स्टेशन स्थानों पर विशेष सर्तकता बरती जाए