बृजभूमि मथुरा, ताज नगरी आगरा और एटा तक के 15 जिलों की 73 विधानसभा सीटों के लिए पहले दौर का प्रचार थमने वाला है। 11 फरवरी को होने वाले चुनाव के लिए ‘जाट लैंड’ में दबदबा कायम करने के लिए सभी दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। जाट, जाटव और मुस्लिम बहुल इस इलाके में बृहस्पतिवार शाम पांच बजे चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा।
प्रचार थमने से पहले सभी दलों ने एक-दूसरे से आगे निकलने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है। पहले चरण में खास तौर पर जहां सपा-कांग्रेस गठबंधन का इम्तिहान होगा, वहीं भाजपा-बसपा के सामने इस इलाके में अपनी सियासी साख को बचाए रखने की बड़ी चुनौती है। राष्ट्रीय लोकदल की सियासी ताकत की भी परीक्षा होगी।
पहले चरण में शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, एटा व कासगंज जिले की 73 सीटों के लिए चुनाव होना है। पहले चरण का चुनाव आगे के चरणों के लिए संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इसलिए सभी दलों के बीच शुरुआती दौर से ही बढ़त हासिल करने की होड़ है।
सभी दलों के बीच शुरुआती दौर से ही बढ़त हासिल करने की होड़ है
भाजपा की ओर से खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह समेत दर्जनों मंत्रियों और भाजपा के कद्दावर नेताओं की फौज वेस्ट यूपी में भाजपा की ‘हवा’ तैयार करने में जुटी है तो सपा-कांग्रेस गठबंधन भी पीछे नहीं है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी तथा सपा अध्यक्ष व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, राज बब्बर, गुलाम नबी आजाद समेत सपा और कांग्रेस के तमाम दिग्गज भी पहले चरण वाली सीटों को मथने में जुटे हैं। सपा ने डिंपल यादव व जया बच्चन को प्रचार के लिए उतार दिया है।
बसपा की ओर से पार्टी सुप्रीमो मायावती अकेले ही मोर्चे पर डटी हैं। हालांकि नसीमुद्दीन सिद्दीकी व अन्य नेता भी सक्रिय हैं। रालोद अध्यक्ष चौ. अजित सिंह भी अपने प्रभाव वाले जाट बहुल क्षेत्र में पूरा दम लगाए हुए हैं। उनके बेटे जयंत चौधरी व पुत्रवधू चारू चौधरी भी अपने उम्मीदवारों को जिताने के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं।
गाजियाबाद में गरजे मोदी-राहुल
पहले चरण का प्रचार थमने से एक दिन पहले बुधवार को पीएम मोदी व कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गाजियाबाद में गरजे। मोदी ने गाजियाबाद में जनसभा को संबोधित किया तो राहुल ने मुरादनगर, हाथरस, बुलंदशहर व हापुड़ में। मोदी ने भ्रष्टाचार को लेकर सपा-कांग्रेस गठबंधन को घेरा तो राहुल ने नोटबंदी को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला।
प्रचार बंद होने से पहले वेस्ट यूपी में जुबानी जंग भी चरम पर जा पहुंची है। पहले चरण में बढ़त लेने के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह समेत अन्य नेताओं ने भी ताकत लगा रखी है। शाह ने हाथरस व बागपत में सभाएं कीं तो गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने ग्रेटर नोएडा के बिसाहड़ा, आगरा, अलीगढ़ व बुलंदशहर में चुनावी सभाएं कीं।
केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान हापुड़, बुलंदशहर व मथुरा, सांसद महंत आदित्यनाथ ने एटा, मथुरा व मुजफ्फरनगर में जनसभाओं को संबोधित किया। इनके अलावा बहुत से अन्य नेता भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पहले चरण के चुनाव वाले जिलों में डटे हुए हैं।
कांग्रेस की टीम भी उतरी
सपा के साथ गठबंधन करके चुनाव मैदान में उतरी कांग्रेस ने भी अपने कई दिग्गज नेताओं को प्रचार मैदान में उतार दिया है। प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद, प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर, शीला दीक्षित और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने बुधवार को मेरठ तथा आसपास के विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए वोट मांगे।
आगरा में डिंपल-जया की संयुक्त सभाएं
मुख्यमंत्री अखिलेश की पत्नी सांसद डिंपल यादव और जया बच्चन ने बुधवार को आगरा के बाह, एत्मादपुर व आगरा छावनी में सभाएं करके सपा उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की। अखिलेश यादव पहले चरण वाले क्षेत्रों में दो दर्जन से ज्यादा सभाएं कर चुके हैं।
मायावती भी पीछे नहीं
पहले चरण के चुनाव के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती भी धुआंधार चुनावी सभाएं करने में पीछे नहीं रहीं। मायावती अब तक आगरा, गाजियाबाद, मेरठ, अलीगढ़, बुलंदशहर, हाथरस, मुजफ्फरनगर, बरेली व फि रोजाबाद में बसपा प्रत्याशियों के समर्थन में डेढ़ दर्जन से ज्यादा जनसभाओं को संबोधित कर चुकी हैं।
अजित सिंह ने लगाई ताकत
पहले चरण का चुनाव रालोद अध्यक्ष चौ. अजित सिंह के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है क्योंकि इस इलाके के नतीजे भविष्य में उनकी पार्टी का सियासी कद भी तय करेंगे। यही वजह है कि अजित सिंह ने पूरी ताकत लगा रखी है।