कान्हा की नगरी मथुरा से भाजपा ने ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी को प्रत्याशी बनाया था। मथुरा के मतदाताओं पर हेमा का ऐसा जादू चला कि वह रालोद के मौजूदा सांसद जयंत चौधरी को तीन लाख से ज्यादा वोटों से हराने में सफल हो गईं।
नगमा: दूसरों को जिताने आई, खुद न जीत पाई
अभिनेत्री नगमा को कांग्रेस ने मेरठ से प्रत्याशी बनाया था। वह पार्टी की स्टार प्रचारकों में भी शामिल थीं।
प्रदेश में घूम-घूम कर कांग्रेस प्रत्याशियों को वोट दिलाने की कोशिश की। पर, नगमा खुद पांचवें स्थान पर रहीं। उन्हें 42,911 वोटों से संतोष करना पड़ा।
राज बब्बर और रवि किशन का रहा फ्लॉप शो
कांग्रेस ने फिल्म अभिनेता और फिरोजाबाद के सांसद राज बब्बर को इस बार भाजपा प्रत्याशी व पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह से मोर्चा लेने के लिए गाजियाबाद भेजा गया।
लेकिन लोगों ने सीट बदलने में माहिर इस सुपरस्टार को हरा दिया। राज बब्बर ने इसके पहले एक टर्म बिताकर आगरा की सीट छोड़ दी थी।
रवि किशनः सियासी पिक्चर में हुए फ्लाप
भोजपुरी फिल्म स्टार रवि किशन को कांग्रेस पार्टी ने जौनपुर से प्रत्याशी बनाया था। पूर्वांचल में भोजपुरी फिल्मों के एक्टरों का अलग ही क्रेज है।
पर, रवि किशन फिल्मों वाला कमाल नहीं दिखा सके। वह छठे स्थान पर रहे और सिर्फ 42,759 लोगों का ही दिल जीत सके।
स्मृति ईरानी ने राहुल को दी तगड़ी चुनौती
छोटे पर्दे की बहू स्मृति ईरानी ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को अमेठी में तगड़ी चुनौती दी।
स्मृति की मुकाबले का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राहुल को पहली बार चुनाव के दिन बूथों पर चक्कर लगाने पड़े थे।
पर यहां छोटी बहन बताकर स्मृति के लिए नरेंद्र मोदी द्वारा वोट की अपील पर बेटे के लिए सोनिया की भावुक अपील ज्यादा असरदार साबित हुआ। स्मृति तीन लाख से ज्यादा वोट पाने के बावजूद जीत नहीं सकी।
जावेद जाफरी: मौजूदगी का एहसास कराने में सफल
आम आदमी पार्टी ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह और कांग्रेस की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रीता बहुगुणा जोशी को चुनौती देने के लिए अभिनेता जावेद जाफरी को उतारा।
जाफरी ने भी खूब मेहनत की लेकिन वह महज 41240 वोटों के साथ पांचवें स्थान पर रहे।
जया प्रदा: दल बदलने से भी नहीं बनी बात
फिल्म अभिनेत्री और रामपुर की सांसद जया प्रदा संसदीय कार्यमंत्री आजम खां से ठनने के बाद इस चुनाव में सपा छोड़ रालोद में चली गई थीं।
रालोद ने उन्हें बिजनौर से प्रत्याशी बनाया था। लेकिन उन्हें भाजपा, सपा और बसपा के बाद चौथा नंबर हासिल हुआ। वह महज 24,348 वोट ही पा सकीं।
कैफ: सियासी पिच पर नहीं दिखा पाए दम
कांग्रेस पार्टी ने क्रिकेट की दुनिया के स्टार रहे मोहम्मद कैफ को फूलपुर से प्रत्याशी बनाया था।
पर, कैफ क्रिकेट के मैदान की तरह सियासत की पिच पर अपना जौहर नहीं दिखा पाए। उन्हें चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा। कैफ केवल 58,127 वोट ही पा सके।