राजधानी समेत प्रदेश के कई जिलों में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर सरकार ने सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों व पुलिस अधीक्षकों की छुट्टी पर सात दिन के लिए रोक लगा दी है। मुख्य सचिव आर.के. तिवारी की ओर से सोमवार को इस संबंध में सभी डीएम व पुलिस कप्तानों को दिशा-निर्देश भेजे गए हैं।
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर राजधानी लखनऊ, अलीगढ़, वाराणसी, मऊ समेत कई जिलों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार ने डीएम व पुलिस कप्तानों की छुट्टी पर सात दिन तक रोक लगा दी है।
मुख्य सचिव की ओर से डीएम व कप्तानों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और सौहार्द्रपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए जिला मुख्यालय छोड़ने से पहले शासन की अनुमति अवश्य ली जाए।
माहौल खराब करने वालों के साथ सख्ती से पेश आएं : डीजीपी
जामिया यूनिवर्सिटी में पुलिस की कार्रवाई के बाद छात्रों के समर्थन और नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में प्रदेश के कई कॉलेज व विश्वद्यिलयों में प्रदर्शन हुआ है। इसे लेकर डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने मातहतों को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रदेश का माहौल किसी भी हाल में खराब नहीं होना चाहिए। माहौल खराब करने वालों से सख्ती से निपटा जाए।
उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर माहौल खराब करने वाले आधा दर्जन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। साथ ही फेसबुक और ट्वीटर की कई आईडी ब्लॉक करने का अनुरोध सर्विस प्रोवाइडर से किया गया है। आईजी कानून व्यवस्था प्रवीण कुमार ने बताया कि प्रदेश में स्थिति नियंत्रण में है।
अलीगढ़ और लखनऊ के अलावा कुछ अन्य स्थानों पर छिटपुट प्रदर्शन हुए हैं। पुलिस पूरी सतर्कता बरत रही है। जिलाधिकारी स्तर से सहारनपुर और अलीगढ़ में इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई गई है। साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में धारा 144 लागू की गई है।
उधर, यूपी 112 की गाड़ियों का मूवमेंट बढ़ा दिया गया है। एडीजी यूपी 112 असीम अरुण ने बताया कि सभी पीआरवी को निर्देश दिए गए हैं, कि वह छोटी से छोटी घटना को भी पूरी संवेदनशीलता के साथ अटेंड करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है, जरूरत पड़ी तो इमरजेंसी आपरेशन सेंटर को सक्रिय किया जाएगा। वहीं शासन के निर्देश पर सभी पुलिस कर्मियों की छुट्टियां अगले सात दिनों के लिए रद्द कर दी गई हैं।