लखनऊ। लखनऊ की नौ विधानसभा सीटों में चुनावी लड़ाई भाजपा और सपा के बीच ही रही। बसपा के प्रत्याशी केवल तीन सीटों पर ही सम्मान जनक वोट पाने में सफल रहे, लेकिन कोई भी अपनी जमानत जब्त होने से नहीं बचा सका है। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस के सभी प्रत्याशियों की भी जमानत जब्त हो गई।
जिला निर्वाचन कार्यालय की रिपोर्ट के मुताबिक कैंट विधानसभा में 11 में से नौ प्रत्याशी, मध्य में 13 में से 11, पूर्व में 14 में से 12, उत्तर में 13 में से 11, पश्चिम में 11 में से 9, मलिहाबाद में 10 में से आठ, मोहनलालगंज में 11 में से 9, बीकेटी में 12 में से 10, सरोजनीनगर में 14 में से 12 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। कुल 109 प्रत्याशियों में से 91 प्रत्याशी अपनी जमानत नहीं बचा सके। बसपा के जिन प्रत्याशियों को सम्मानजनक वोट मिल पाए, उनमें मोहनलालगंज के देवेंद्र पासी, बीकेटी के सलाउद्दीन और सरोजनीनगर के जलीस खान शामिल हैं। हालांकि, इन सभी की जमानत जब्त हो गई है। निर्वाचन आयोग के निर्देश के मुताबिक यदि किसी प्रत्याशी को कुल पड़े वोट का छठवां भाग या 16.66 फीसदी वोट नहीं मिल पाता तो उसकी जमा जमानत धनराशि जब्त कर ली जाती है। यह धनराशि 10 हजार रुपये है।
14264 को नहीं पसंद आए प्रत्याशी, दबाया नोटा
लखनऊ। मतगणना में नोटा का उपयोग भी खूब देखने को मिला। पोस्टल बैलेट तक से वोट करते समय नोटा का उपयोग मतदाताओं ने किया। 2017 में 13563 वोट इनमें से कोई नहीं (नोटा) पर पड़ा था। इस बार 2022 में 14264 मतदाताओं ने नोटा का उपयोग कर सभी प्रत्याशियों को नकार दिया।
इस तरह उपयोग हुआ नोटा
विधानसभा 2017 2022
मलिहाबाद 1692 1478
बीकेटी 2271 2191
सरोजनीनगर 1926 1822
लखनऊ पश्चिम 635 1324
लखनऊ उत्तर 1370 1342
लखनऊ पूर्व 1747 1595
लखनऊ मध्य 824 960
लखनऊ छावनी 1150 1217
मोहनलालगंज 3471 2313