राज्य सरकार के मंत्रिमंडल में कई नायाब हीरे जवाहरात हैं। इसमें से एक खां साहब भी हैं। वह कब कौन सी बात पर तुनक जाएं भरोसा नहीं। उन्होंने पिछले दिनों अधिकारियों की बैठक बुलाई थी।
इसमें ब्यूरोक्रेट्स के मुखिया भी शामिल हुए थे। बैठक के दौरान विचार-विमर्श पर ब्यूरोक्रेट्स के मुखिया ने कुछ सलाह देने की हिमाकत कर डाली।
फिर क्या था, खां साहब तुनक गए। तुनकते तक तो ठीक था, लेकिन वह चुप बैठने वाले कहां थे, सो बोल ही पड़े। वह क्या बोले यह तो लिखा नहीं जा सकता, पर मुखिया जी की बोलती जरूर बंद हो गई।
मरता क्या न करता, वह पूरी बैठक में चुप्पी साधे बैठे रहे और जैसे ही बैठक खत्म हुई उठे और चलते बने। अब खां साहब के विभाग में इसको लेकर खूब चर्चाएं हो रही है।
कहा जा रहा है कि अपने खां साहब किसी को नहीं छोड़ते हैं। उनके बीच में जो भी आया, समझो उसकी खैर नहीं।