प्रदेश में पीपीपी मॉडल का यह पहला बस अड्डा होगा, जिसको वड़ोदरा की तर्ज पर बनाया जा रहा है। अक्तूबर में कई परियोजनाओं का लोकार्पण मुख्यमंत्री करेंगे।
उनमें इसको भी शामिल किया जाएगा। यहां सामने मेट्रो का स्टेशन भी शुरू होगा। ऐसे में लोगों को बस और मेट्रो की सेवा एक साथ मिलेगी। छह एकड़ जमीन पर तीन मंजिला इमारत होगी।
यह परिसर पूरी तरह से वातानुकूलित होगा। अंडरग्राउंड बसों की पार्किंग होगी। ग्राउंड फ्लोर पर बसों का संचालन किया जाएगा। पहले तल पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स होगा। वहीं दूसरे तल पर मल्टीप्लेक्स होगा।
मॉल के लिए कंपनी के पास मार्च तक का समय
आलमबाग बस अड्डा
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लेकिन ऐसे जलभराव में कैसे पूरा होगा काम भले ही अक्तूबर में बस अड्डा शुरू होने का दावा रोडवेज के अफसर कर रहे हैं मगर सोमवार सुबह हुई बारिश के बाद बेसमेंट के ऊपर का हिस्सा पानी में लबालब नजर आ रहा है।
किसी भी नजरिये से ये समझ के परे है कि आखिर किस तरह से इतनी जल्दी बस अड्डे का काम पूरा होगा। यहां जिस तरह से अभी शटरिंग नजर आ रही है, उससे लग रहा है कि अगर दिन-रात की गति से काम किया जाए तब जाकर बस अड्डा अपने निर्धारित समय पर पूरा किया जा सकेगा।
वरना ये धीमी रफ्तार तो मार्च की पूरे काम की डेडलाइन तक बसों का भी संचालन शुरू करवा पाएगी, इसको लेकर सवाल खड़े होंगे।
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक एके सिंह का कहना है अक्तूबर में ही यहां बसों का संचालन शुरू करवाने की तैयारी है, जबकि मॉल वगैरह का काम कंपनी आगे करती रहेगी। इसके लिए उसके पास मार्च तक का समय होगा।