लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय (एकेटीयू) जल्द प्रदेश की पहली अत्याधुनिक मेकर्स लैब स्थापित करने वाला विवि बन जाएगा। इसके परिसर में इंफोसिस लैब बना रही है। यहां पर 19 हजार ऑनलाइन कोर्स उपलब्ध होंगे।
लड़ाकू विमान बनाने वाली फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट और ब्रह्मोस भी विश्वविद्यालय में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगी। मेकर्स लैब से विश्वविद्यालय सहित प्रदेश के छात्रों को आधुनिक तकनीकी और विज्ञान से जुड़ने का मौका मिलेगा। छात्र इस लैब में अपने प्रोजेक्ट को मूर्त रूप दे सकेंगे।
डसॉल्ट और ब्रह्मोस के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में तीन साल में दस हजार से ज्यादा छात्रों को अत्याधुनिक और नई तकनीकी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षित छात्रों में से चयनितों को दोनों कंपनियां अपने यहां रोजगार के अवसर भी देंगी।
कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि विवि की लाइब्रेरी में 2400 वर्गफीट में बन रही यह लैब बहुत खास है। इसमें 25 हाईटेक वर्किंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। यहां उपलब्ध 19 हजार ऑनलाइन कोर्स छात्र पढ़ सकेंगे। इसके लिए शुल्क भी नहीं देना होगा। कंपनी लैब के संचालन तक की जिम्मेदारी संभालेगी। वही लैब में विशेषज्ञों की नियुक्ति करेगी, जो छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे। कंपनी के कोर्स का लाभ कक्षा छह से लेकर पीजी तक के छात्र उठा सकेंगे। लैब में आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स और थ्रीडी प्रिंटर होगा। ऐसी लैब बंगलूरू समेत कुछ ही जगहों पर है।