उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को केंद्रीय कोयला सचिव, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन व बिजली सचिव को अलग-अलग पत्र भेजकर कोयले की आपूर्ति सामान्य कराने व एनटीपीसी के बिजलीघरों का उत्पादन सुधारने के लिए उचित कदम उठाने का अनुरोध किया है।
कोयला सचिव को भेजे पत्र में मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा है कि बिजलीघरों में जरूरत भर कोयला नहीं पहुंच रहा है, जो थोड़ा-बहुत पहुंच रहा है वह काफी गीला और कीचड़ से सना है जिससे इकाइयों को चलाने में कठिनाई आ रही है।
कोयला सचिव से बिजलीघरों को पर्याप्त और सही कोयले की आपूर्ति कराने का अनुरोध किया है।
यह किये गए आग्रह
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को भेजे गए पत्र में बिजलीघरों में समय से कोयले की रैक पहुंचाने का पुख्ता इंतजाम करने का अनुरोध किया है जबकि बिजली सचिव से एनटीपीसी की इकाइयों को पूरी क्षमता से चलवाकर यूपी को उसके कोटे की पूरी बिजली उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
प्राइम नंबर
प्रदेश में बिजली की मांग--13000 मेगावाट से अधिक
बिजली की कुल उपलब्धता--10,500-11,000 मेगावाट
कहां कितनी आपूर्ति
ग्रामीण--4.50 घंटे
तहसील--4.50 घंटे
जिला मुख्यालय--12.05 घंटे
मंडल मुख्यालय--17.06 घंटे
बुंदेलखंड--15.00 घंटे
महानगर--17.48 घंटे
यह कहते हैं प्रबंध निदेशक
इस पर पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक एपी मिश्र का कहना है कि केंद्रीय कोटे की पूरी बिजली न मिलने की वजह से प्रदेश में मांग के मुकाबले बिजली की उपलब्धता कम है।
इससे कुछ आपात कटौती करनी पड़ रही है। एनर्जी एक्सचेंज व अन्य स्रोतों से अतिरिक्त बिजली का इंतजाम करके शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति का प्रयास किया जा रहा है।