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जमीन कब्जाने के लिए गुंडागर्दी करने वाले सपा नेता विजय बहादुर बर्खास्त, गिरफ्तार

Sat, 09 Jul 2016 02:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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विजय बहादुर यादव - फोटो : amar ujala
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ग्राम सभा की करोड़ों रुपये की जमीन कब्जाने के लिए गुंडगर्दी करने वाले सपा नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय बहादुर यादव को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
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बृहस्पतिवार को विजय बहादुर ने चिनहट के बाघामऊ में अपने हिस्ट्रीशीटर साथी के साथ महिलाओं और बुजुर्गों को लाठी-डंडों से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उनके कपड़े फाड़ दिए। मामला सामने के बाद उसे सपा से बर्खास्त कर दिया गया।

दरअसल, चिनहट के बाघामऊ में बृहस्पतिवार सुबह ग्राम समाज की करोड़ों रुपये की जमीन पर कब्जा कर रहे समाजवादी पार्टी के नेता व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय बहादुर यादव ने जमकर उपद्रव किया।
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अपने हिस्ट्रीशीटर साथी रघुनंदन कालिया, ग्राम प्रधान मनोज यादव सहित लाठी-डंडे और तमंचों से लैस करीब 150 बदमाशों के साथ विजय बहादुर ने कब्जे का विरोध कर रहे अधिवक्ता इंदल लोधी के घर पर हमला कर दिया। अधिवक्ता व उसके परिवार की महिलाओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और कपड़े फाड़ दिए। मारपीट में 35 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत नाजुक बताई जा रही है।

मामला नजर आने पर तुरंत हुआ एक्‍शन

विजय बहादुर को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस - फोटो : amar ujala
शुक्रवार सुबह जवाहर भवन के पास से पुलिस ने विजय बहादुर और उसके साथी कन्हैया व कल्लू को गिरफ्तार कर लिया। मामला सामने आने पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जिला पंचायत अध्यक्ष माया यादव और उनके पति एवं जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष विजय बहादुर यादव को पार्टी विरोधी कार्यो, अनुशासनहीनता, अवैध कब्जा करने के आरोपों में पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

एफआईआर दर्ज होने पर 500 समर्थकों के साथ किया बवाल
पुलिस ने अधिवक्ता की तरफ से एफआईआर दर्ज की तो विजय बहादुर 500 लोगों को लेकर चिनहट थाना पहुंचा और हंगामा किया। यहां पुलिस के खिलाफ एक घंटे नारेबाजी के बाद सभी मटियारी चौराहे पहुंचे और मिलीभगत का आरोप लगाते हुए नेशनल हाईवे जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। तीन घंटे तक पुलिस मान-मनौव्वल में जुटी रही।

उनका कहना था कि अधिवक्ता जमीन पर एक बिल्डर के साथ मिलकर अपार्टमेंट बनवाना चाहता है जबकि ग्रामीण बरातशाला बनवाने की कोशिश कर रहे हैं। हाईवे जाम की खबर मिलते ही एएसपी ट्रांस गोमती जयप्रकाश, एएसपी उत्तरी विजय ढुल, एडीएम, एसडीएम, लेखपाल, तहसीलदार सहित कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई।

क्रॉस एफआईआर दर्ज करने और एसओ चिनहट सुरेश यादव के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देने पर जाम खत्म किया। सीओ गोमतीनगर सत्यसेन यादव ने बताया कि दोनों तरफ से एफआईआर दर्ज कर छानबीन की जा रही है। विजय बहादुर और उसके समर्थकों के खिलाफ पुलिस ने सड़क जाम करने की एक अन्य रिपोर्ट भी लिखाई है। विजय बहादुर की पत्नी माया यादव वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।

मूकदर्शक बनी रही पुलिस, असलहा लहराते धमकी देते रहे दबंग

विजय बहादुर के गुंडों की मार से घायल हुए लोग - फोटो : amar ujala
इससे पहले बृहस्पतिवार सुबह सपा नेता की गुंडागर्दी की सूचना पाकर मौके पर पहुंची चिनहट पुलिस कार्रवाई करने के बजाय मूक दर्शक बनी रही।

सपा नेता और उसके गुर्गे एक घंटे तक गांव में घूम-घूमकर बवाल करते रहे। दहशत के चलते लोगों ने खिड़की-दरवाजे बंद कर लिए। दबंगों ने असलहे लहराते हुए ग्रामीणों को पुलिस से शिकायत न करने की चेतावनी दी।

एसएसपी आवास पर खून से लथपथ महिलाएं-पुरुष तड़पते रहे
वहीं, खून से लथपथ महिलाएं-पुरुष अस्पताल ले जाने की गुहार लगाते रहे लेकिन, पुलिसकर्मियों ने उन्हें हाथ तक नहीं लगाया। किसी तरह सभी घायल एसएसपी आवास पहुंचे लेकिन, यहां भी सन्नाटा पसरा था।

एक घंटे तक घायल एसएसपी आवास पर जमीन में पड़े तड़पते रहे। आला अधिकारियों को मामले की सूचना मिली तब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद विजय बहादुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की।
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इनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर

- फोटो : amar ujala
सीओ ने बताया कि अधिवक्ता इंदल लोधी की तरफ से विजय बहादुर यादव, कल्लू, कन्हई, मनोज यादव, रघुनंदन, स्वयंबर यादव, जगन्नाथ, लक्ष्मण, विनोद व उनके साथी के खिलाफ बलवा, मारपीट, गाली-गलौज, जानलेवा हमले की धाराओं में रिपोर्ट लिखाई जबकि रघुनंदन ने इंदल, बीरबल, प्रेमचंद्र, दिनेश, मुरारीलाल, बसंत, ननकऊ, विनोद यादव, गुड्डू, सीता, पप्पी, शोभा व 10-12 अन्य के खिलाफ एफआईआर की है।

22 तक के लिए जेल भेजा गया
आरोपी विजय बहादुर यादव और उसके दो साथियों को एसीजेएम ज्ञान प्रकाश तिवारी की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 22 जुलाई तक के लिए जेल भेज दिया गया। विजय बहादुर की तरफ से अधिवक्ता ने जमानत का प्रार्थनापत्र दाखिल किया, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।

ये हुए घायल
इंदल के पक्ष से उनकी पत्नी शोभा (33), उसकी बहन मंगला देवी (50), संतोष उर्फ गुड्डू (35), संतोष की पत्नी पप्पी (32), बीरबल (55), दिनेश सिंह (35), बसंतलाल (28), अनुज (25), राधा (32), राममूर्ति (30) व केती देवी (36), प्रेमचंद, निखिल, ननकऊ, बसंती तथा दूसरे पक्ष से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय बहादुर यादव, उनका भतीजा विवेक यादव सहित अन्य। घायलों में अनुज की हालत गंभीर है।
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