अखिलेश ने बलवंत सिंह रामूवालिया के नेतृत्व में आए सिख प्रतिनिधिमंडल तथा अमृत राजपाल के नेतृत्व में सिंधी समाज के प्रतिनिधियों से मिले। उन्होंने मिलने आए प्रतिनिधियों से कहा कि भाजपा से सावधान रहना है। वे शहीदों के प्रति गंभीर नहीं हैं और न उनमें कोई संवेदना है। उन्होंने कहा कि त्याग, बलिदान और जोखिम उठाने का साहस सिखों का रहा है। खेत से सीमा तक सिख जवान पसीना बहाते हैं। दुनिया में सिख समाज के कारण भारत का सम्मान बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि एक दूसरे पर भरोसा करें। आगामी लोकसभा चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। यह लोकतंत्र को बचाने का चुनाव है। आतंकवाद और भ्रष्टाचार में वृद्धि हुई है। हम किसान समाज से हैं। किसानों के लिए बड़ी-बड़ी मंडियों का निर्माण सपा शासन में ही हुआ। सरकार को किसानों को उनके उत्पादन का डेढ़ गुना मूल्य मिलना चाहिए। इससे पूर्व अखिलेश ने लोहिया सभागार में शहीद जवानों की याद में दो मिनट का मौन रखकर शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई।