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बयानों से कोरोना महामारी का इलाज करने का 'चमत्कार' कर रही भाजपा सरकार: अखिलेश यादव

Sun, 09 Aug 2020 03:31 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
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समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना महामारी के हालात बेकाबू होने से भाजपा सरकार ने ‘नो टेस्ट-नो केस‘ का रास्ता अख्तियार कर लिया है। राज्य सरकार बीमारी से निबटने में असहाय व अक्षम साबित हो रही है। प्रदेश में कोविड मरीज 46 हजार से ज्यादा हैं और दो हजार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं।

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अखिलेश ने कहा कि कोरोना का शिकार बनने वालों की सूची में अधिकारियों, पुलिस कर्मियों, नगरपालिका, बैंक, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं न्यायकर्मियों का लगातार बढ़ना बेहद चिंताजनक है। शुक्रवार को 707 केस लखनऊ में मिले। मरीजों को न समय से इलाज मिल रहा है और न ही दवाइयां। प्रशासनिक विफलता के चलते कोरोना से और ज्यादा मौतें हो सकती हैं।

उन्होंने कहा कि सोती सरकार जागकर सुनिश्चित करे कि कोरोना टेस्ट रिपोर्टे शीघ्र व सही आएं ताकि लोग उस पर विश्वास कर सकें और अपनों को न खोएं। यह दुखद है कि शाहजहांपुर के पुलिस अधिकारी तीन बार निगेटिव होने के बाद लखनऊ में आते ही पॉजिटिव हो गए और उनकी मृत्यु हो गई। एक शिक्षिका भी बिना इलाज मर गई।
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वाराणसी में एक पत्रकार की मौत हो गई। इटावा में बैंक मैनेजर और आगरा में पूरा परिवार पॉजिटिव पाया गया। उन्होंने कहा कि सरकार बयानों से ही बीमारियों का इलाज करने का चमत्कार कर रही है। काम के मामले में लगता ही नहीं कि उत्तर प्रदेश में सरकार नाम की कोई संस्था सक्रिय है अथवा नहीं।

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क्वारंटीन सेंटरों की बदहाली बढ़ा रही बीमारी

अखिलेश ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में घोर अव्यवस्थाएं हैं। क्वारंटीन सेंटरों में गंदगी के चलते मरीज की बीमारी बढ़ जाना स्वाभाविक है। वहां समय से न चिकित्सा सुविधाएं मिलती हैं, न ही पौष्टिक भोजन। वहां ऐसे मरीजों की जिंदगी संकट में है जो कोरोना पीड़ित नहीं हैं। अस्पतालों में उनको समय से इलाज नहीं मिल रहा है।

सरकारी अस्पतालों के अलावा प्राईवेट अस्पतालों में भी मरीजों को भटकना पड़ता है। कई मरीजों की मौत अस्पतालों में हो चुकी है। मेडिकल कॉलेज में स्क्रीनिंग के बगैर किसी की भर्ती नहीं होती है। अन्य अस्पतालों की ओपीडी सेवाएं भी चरमराई हुई हैं।
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