अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने जांच बढ़ा दी है। यह भी कहा कि राजधानी में संक्रमण पर काबू पाने के लिए 21 दिनों का संपूर्ण लॉकडाउन जरूरी है।
दो दिन की साप्ताहिक बंदी में सैनिटाइजेशन का काम बेहतर तरीके से होता है। हालांकि, संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए 21 दिन का संपूर्ण लॉकडाउन जरूरी है।
-डॉ. डीएस नेगी, स्वास्थ्य महानिदेशक
बीते एक हफ्ते के आंकड़े
इलाका-- मरीज मिले
आलमबाग -- 148
गोमती नगर -- 128
इंदिरानगर -- 122
रायबरेली रोड-- 111
महानगर -- 105
तालकटोरा-- 98
कोरोना मरीजों को फर्जी जांच रिपोर्ट देने के खुलासे के बाद अब सीएमओ कार्यालय के फर्जी पत्र पर मरीज भर्ती का आदेश जारी करने का मामला सामने आया है। पांच अगस्त को जारी फर्जी पत्र में जौनपुर की 52 वर्षीय मरीज को राजधानी के निजी अस्पताल रेफर किया गया। परिजन उसे लेकर एराज मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो डॉक्टर को पत्र पर शक हुआ।
जांच में पता चला कि रिपोर्ट पर सीएमओ की जगह किसी और के हस्ताक्षर थे। मरीज को भर्ती कर लिया। वहीं, सीएमओ कार्यालय के अफसरों ने पत्र फर्जी मानते हुए जांच की बात कही। रिपोर्ट पर मुहर, एंबुलेंस, ईएमटी व मोबाइल नंबर नहीं था। सबसे बड़ा प्रश्न तो यह था कि मरीज जौनपुर का था तो रिपोर्ट सीएमओ कार्यालय कैसे जारी कर रहा था, वह भी भर्ती पत्र के साथ। सीएमओ ने कहा, जो दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।