फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला आरक्षण बिल: अखिलेश यादव बोले, नयी संसद में महाझूठ से भाजपा ने शुरू की अपनी पारी, उड़ाया उपहास

Thu, 21 Sep 2023 05:53 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि लोकसभा में मोदी सरकार द्वारा पास किया गया आधा-अधूरा बिल ‘महिला आरक्षण’ जैसे गंभीर विषय का उपहास है। जनता इसका जवाब 2024 के लोकसभा चुनाव में देगी।
विज्ञापन
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सरकार ने नई संसद में पहले दिन से ही असत्य से अपनी शुरुआत की है। जब जनगणना और परिसीमन के बिना महिला आरक्षण बिल लागू हो ही नहीं सकता है और इस प्रक्रिया में वर्षों लग जाएंगे तो भाजपा सरकार को इस तरह की आपाधापी में महिलाओं से झूठ बोलने की क्या जरूरत है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार की मंशा महिलाओं को आरक्षण देने की नहीं है। वह सिर्फ चुनावी जुमले के तहत महिला आरक्षण के नाम पर धोखा दे रही है।

विज्ञापन


उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार न जनगणना के पक्ष में है और न ही जातीय जनगणना के। इसके बिना महिला आरक्षण संभव ही नहीं है। ये आधा-अधूरा बिल महिला आरक्षण जैसे गंभीर विषय का उपहास है। इसका जवाब महिलाएं आगामी लोकसभा चुनाव में जरूर देंगी। भाजपा सरकार महिला आरक्षण को लेकर कभी ईमानदार नहीं रही है।

अखिलेश ने जारी बयान में कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल और अभी तक हुए चुनावों में भाजपा ने अपने यहां 33 प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं दिया। उन्होंने फिर दोहराया कि वर्तमान महिला आरक्षण बिल में लैंगिक न्याय और सामाजिक न्याय का संतुलन नहीं है। समाजवादी पार्टी की नीति रही है कि महिला आरक्षण में पिछड़े, दलित, मुस्लिम, अल्पसंख्यक, आदिवासी समाज की महिलाओं का निश्चित प्रतिशत होना चाहिए।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी: पूरी ट्रेन होगी सीसीटीवी कैमरे से कवर, महत्वपूर्ण स्टेशनों पर सुरक्षा उपकरणों की संख्या बढ़ेगी
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - लोकसभा चुनाव: मोदी की हैट्रिक के लिए चुनावी पिच मजबूत करेंगे संघ और भाजपा, जोर दलित और पिछड़ों पर


ये आधा-अधूरा बिल ‘महिला आरक्षण’ जैसे गंभीर विषय का उपहास है, इसका जवाब महिलाएं आगामी चुनावों में भाजपा के विरूद्ध वोट डालकर देंगी।



लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। सपा-बसपा ने बिल में ओबीसी और एससी-एसटी समाज की महिलाओं के लिए कोटा की मांग की है। यह बिल राज्यसभा में पास हो चुका था लोकसभा में बिल को मंगलवार को मंजूरी दी गई। हालांकि, इसमें कई पेंच हैं जिससे इसका कार्यान्वित होना चुनौतीपूर्ण बताया जा रहा है।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें