सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा जिस तरह से हिंसा को बढ़ावा दिया गया है उसका खामियाजा उनके ही सांसद व विधायकों को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि भाजपा सरकार में जिस तरह सरेआम हिंसा को प्रोत्साहन-संरक्षण दिया गया, उसका ख़ामियाज़ा आज उसके ही सांसदों-विधायकों को भुगतना पड़ रहा है। ये अपने जनप्रतिनिधियों तक को संरक्षण नहीं दे पा रही है।
उत्तर प्रदेश भाजपा सरकार में कानून-व्यवस्था फरार है। जनआक्रोश का हिंसक होना अच्छा नहीं होता।
बता दें कि प्रतापगढ़ के सांगीपुर में गरीब कल्याण मेले के दौरान भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। मौके पर पहुंचे प्रतापगढ़ के भाजपा सांसद संगमलाल गुप्ता के भी ऊपर हमला किया गया और उनके कपड़े फाड़ दिए गए। सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह उन्हें हमलावरों के चंगुल से बाहर निकाला। हमलावरों ने उनकी गाड़ी और काफिले में शामिल आधा दर्जन से अधिक वाहनों को लाठी, डंडे और ईंट-पत्थर से मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। सांसद के ऊपर हमले की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के हाथपांव फूल गए। बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गई। इस दौरान एक इंस्पेक्टर पर भी हमले की सूचना है।
इसके पहले अखिलेश यादव ने ओबीसी समाज की जनगणना पर कहा कि भाजपा सरकार ने लम्बे समय से चली आ रही ‘ओबीसी’ समाज की गणना की मांग को ठुकरा कर साबित कर दिया है कि वो ‘अन्य पिछड़ा वर्ग’ को गिनना नहीं चाहती है क्योंकि वो ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में उनका हक नहीं देना चाहती है। धन-बल की समर्थक भाजपा शुरू से ही सामाजिक न्याय की विरोधी है।