बसपा के साथ गठबंधन का असर सपा पर दिखने लगा है। सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रदेश कार्यालय के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति का लोकार्पण किया।
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इस अवसर पर मीडिया से मुखातिब अखिलेश ने कहा कि वोट से बनी सरकार को हम वोट से हटाएंगे। गोरखपुर और फूलपुर से इसकी शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री का आशीर्वाद बना रहा तो विपक्षी दलों को ज्यादा मौका मिलेगा। प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग पर उन्होंने सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की।
अखिलेश ने कहा कि उन्नाव की घटना ने हजारों एनकाउंटर के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर दावे करने वालों का असली चेहरा उजागर कर दिया है। पुलिस, राजनीतिक पार्टी (भाजपा) और सरकार ने मिलकर न्याय नहीं होने दिया। पीड़ितों के साथ नाइंसाफी हुई। डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह ने कानून को धोखा दिया है। हाईकोर्ट के दखल के बाद ही दोषियों की गिरफ्तारी हुई।
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यूपी ही नहीं, भाजपा शासित सभी राज्यों में बेटियों पर अपराध बढ़े हैं। गुजरात में आदिवासी महिला के साथ ऐसी ही घटना हुई। इसे दो हफ्ते तक छिपाया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सीबीआई सच को सामने लाएगी। उन्होंने उन्नाव और कठुआ के गुनहगारों और उन्हें संरक्षण देने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
अखिलेश ने कहा कि राज्यपाल हमेशा घटना होने पर हस्तक्षेप करते थे, पत्र लिखते थे। शायद उन्नाव की घटना पर भी सरकार को पत्र लिखा होगा। मेरठ से लेकर तमाम जिलों में दलितों के साथ अन्याय हो रहा है।