फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव: सपा के साथ किन-किन पार्टियों का यूपी में हो सकता है गठबंधन, अखिलेश ने दिया इशारा

Sat, 01 Jul 2023 05:57 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी

सार

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बाराबंकी में आयोजित एक कार्यक्रम में भाजपा सरकार पर निशाना साधा और कहा कि लोकसभा में अधिक से अधिक दल साथ आएं ऐसा मेरा प्रयास है।
विज्ञापन
कार्यक्रम में मौजूद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में ट्रैफिक व्यवस्था सांड के हवाले हैं। इन्वेस्टर्स समिट के दौरान जिस निवेश का दावा किया जा रहा था उन्हें अब तक धरातल पर नहीं उतारा जा सका। हालात यह है कि निवेशकों को सरकार ढूंढ रही है। प्रदेश की कानून व्यवस्था और अधिकारी पूरी तरीके से बेलगाम हो चुके हैं।

विज्ञापन


अखिलेश यादव शनिवार को लखनऊ पब्लिक स्कूल बाराबंकी शाखा का शुभारंभ करने के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बाराबंकी की एक महिला को विधानसभा के सामने न्याय के लिए आत्महत्या करनी पड़ती है तो वहीं हैदरगढ़ में एक व्यक्ति की थाने पर मौत हो जाती है। महागठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में मेरा प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक दल साथ आएं।  किसी भी पार्टी का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि समान विचारों वाली अधिक से अधिक पार्टियां गठबंधन का हिस्सा बन सकती हैं। हालांकि, कांग्रेस से गठबंधन को लेकर उन्होंने कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। लोकसभा चुनाव में सपा के कांग्रेस के गठबंधन को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।

ये भी पढ़ें - 15 अगस्त से लागू होगी मुख्यमंत्री सूक्ष्म उद्यमी दुर्घटना बीमा योजना, पंजीकरण शुरू, ये मिलेगा लाभ
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - भावी प्रधानमंत्री अखिलेश यादव... सपा कार्यालय के बाहर लगा ये पोस्टर हो रहा वायरल
विज्ञापन


प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि योगी सरकार मेडिकल कॉलेजों के सपने दिखा रही थी लेकिन जिला अस्पताल भी सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। आज प्रदेश में कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं, लखनऊ के चक गंजरिया में कैंसर इंस्टिट्यूट का निर्माण हुआ था लेकिन सरकार ने उसे संचालित नहीं करवाया लोग इलाज के लिए दिल्ली-मुंबई के चक्कर काटने को मजबूर हैं। भारतीय जनता पार्टी और उनके साथ मिले दल लोगों को बांटने का काम कर रहे हैं। चुनाव के समय लोगों को एकता का पाठ पढ़ा कर उन्हें गुमराह किया जाता है। भ्रष्टाचार और आतंकवाद खत्म करने का दावा करते हुए नोटबंदी की लेकिन आज सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार चरम पर है अब 2000 रुपये के नोट बंद कर दिए। यह देखना चाहिए कि ये नोट किस बैंक में सबसे ज्यादा जमा हुए हैं।

समान नागरिक संहिता पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि महंगा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए इस प्रकार के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप, राकेश वर्मा, रामगोविंद चौधरी, सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, विधायक सुरेश यादव, गौरव रावत, आशु मलिक और जिला अध्यक्ष हाफिज अयाज, करुणेश द्विवेदी, नगर पालिका अध्यक्ष शीला सिंह ,पूर्व विधायक राजेश यादव राजू आदि प्रमुख लोग मौजूद रहे।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें