सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने जब मंडल कमीशन की सिफारिशें लागू की थीं, तब उन्हें जबरदस्त विरोध सहन करना पड़ा था। मंडल कमीशन के विरोध में पूरे देश में हिंसा और तोड़फोड़ की गई। उस समय जिन लोगों ने पिछड़ों के अधिकारों का विरोध किया था, वही लोग 10 प्रतिशत ईडब्लूएस आरक्षण लेने में सबसे आगे रहे। लेकिन, हम लोगों ने इसका कोई विरोध नहीं किया।
अखिलेश यादव सोमवार को चेन्नई के प्रेसीडेंसी कॉलेज में पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने किया था। इस अवसर पर अखिलेश यादव ने कहा कि वीपी सिंह ने पिछड़ों को अधिकार और सम्मान दिलाने का काम किया था। उनका साथ तमिलनाडु के वर्तमान मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, उनके पिता एम. करूणानिधि, यूपी से मुलायम सिंह यादव, बिहार से लालू प्रसाद यादव और शरद यादव सहित तमाम नेताओं ने दिया।
अखिलेश ने कहा कि चेन्नई में प्रतिष्ठित प्रेसीडेंसी कॉलेज में पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह की प्रतिमा का लगना दक्षिण भारत के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा के लिए बड़ा संदेश है। यह वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए भी बड़ा संदेश है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सरकारों ने पिछड़ों को अधिकार नहीं दिया। दिल्ली की सरकारें निजीकरण की तरफ जा रही हैं। अगर सब कुछ निजी हाथों में चला जाएगा तो संविधान के अनुसार हक और सम्मान कैसे मिलेगा। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना के साथ सामाजिक न्याय के संघर्ष को उसके मुकाम तक पहुंचाना है। कार्यक्रम में स्वर्गीय वीपी सिंह की पत्नी सीता कुमारी और उनके पुत्र अजेय सिंह भी मौजूद रहे।