शेरों की लड़ाई चुनावी रैलियों से अब सोशल मीडिया पर पहुंच चुकी
है।
बहराइच रैली में शेर मांगने वाली नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने फेसबुक पर ताल ठोक दी है।
उन्होंने फेसबुक पर
एक पोस्ट में जताने की कोशिश की है कि गुजरात ने हमें शेर दिए तो हमने भी
उन्हें कई जानवर दिए हैं।
उन्होंने यह जिक्र भी किया कि गुजरात को कौन से
जानवर दिए गए हैं। प्रतापगढ़ से लौटते हुए बुधवार को उन्होंने खबरनवीसों से
भी कहा कि शेर तो चंबल में ही रहेंगे।
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क्या कहा था मोदी ने
बहराइच में 8 नवंबर को रैली में भाजपा के पीएम पद के
उम्मीदवार मोदी ने अखिलेश पर कमेंट करते हुए कहा था, 'आपके युवा
मुख्यमंत्री ने मुझे पत्र लिखा था। शेर मांगे थे, लॉयन सफारी के
लिए, हमने दिए भी। वे मुझसे गीर गाय मांगते, बिजली मांगते...अमूल जैसा
नेटवर्क मांगते...वह भी मैं देता। लेकिन इसके लिए भी समझ चाहिए ना...।'
6 शेरों के बदले देंगे 61 जानवरलॉयन सफारी के लिए गुजरात से आने वाले 6 एशियाई बब्बर शेरों के
बदले यूपी उन्हें 14 प्रजातियों के 61 जानवर दे रहा है। राजकोट जू से दो
शेरों (मादा हीर और नर मोजकब कुबेर) के बदले पहले चरण में 9 प्रजातियों के
47 वन्यजीव जाने थे। इनमें से तीन घड़ियाल जा चुके हैं।
दूसरे चरण में
आने वाले 4 एशियाई बब्बर शेरों के बदले 5 प्रजातियों के 14 वन्यजीव जाने
हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो 8 नवंबर को मोदी की टिप्पणी के बाद से ही
सीएम ऑफिस की ओर से शेरों के बदले में दिए जाने वाले जानवरों का ब्यौरा
जुटाया गया।
शेरों को लाने के लिए पिंजरों की हो रही मरम्मतसीजेडए
की अनुमति के बाद लखनऊ जू से विशेषज्ञों की टीम नवंबर महीने में कभी भी
गुजरात शकरबाग जू केलिये रवाना हो सकती है। बीते कई दिनों से बब्बर शेरों
को लाने के लिए जू में रखे परिवहन पिंजरों (ट्रांसपोर्टिंग केज) को फिट
किया जा रहा है।
केज का बेस ग्राउंड लकड़ी पर काम चल रहा है। फिलहाल अभी
सीजेडए की अनुमति का इंतजार है।
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