गांगनौली गांव में पिछले साल हुई बेटे और भतीजे की हत्या के चश्मदीद गवाह रामवीर और उसकी पत्नी सरोज को सुरक्षा में मिले दो सिपाहियों के सामने ही बदमाशों ने गोलियों से छलनी कर मौत के घाट उतार दिया गया।
घटना बुधवार दोपहर करीब बारह बजे गांव के पास सरेआम हुई।
ऑटोमेटिक असलाह से लैस 10-12 बदमाशों ने पुलिस को खुली चुनौती देने वाली यह वारदात दोनों सिपाहियों की एसएलआर छीनकर अंजाम दी।
डबल मर्डर में एक-एक लाख के ईनामी अपराधी अमित और प्रमोद के गिरोह का नाम आ रहा है। इन दोनों के खिलाफ ही दंपत्ति को गवाही देनी थी।
पढ़ें-'आतंकियों' के केस में फंसी अखिलेश सरकार
दोनों मोस्ट वांटेड अपराधियों के खिलाफ ही रामवीर (50) और सरोज (45) के बेटे प्रवीन तथा भतीजे की पिछले साल हुई हत्या का केस चल रहा है।
ये दोनों अपराधी दंपति पर पहले भी कम से कम 10 बार फायरिंग कर चुके थे।
बुधवार के घटनाक्रम के मुताबिक रामवीर और सरोज अपनी सुरक्षा में लगे सिपाही आदेश और रूपकिशोर के साथ खेत से पैदल ही घर आ रहे थे।
किशनपुर बराल-दोघट मार्ग पर मलखान सिंह के मकान के सामने उन्हें 10-12 बदमाशों ने घेर लिया।
सिपाहियों की एसएलआर छीन मैगजीन निकाल ली, फिर पांच-छह बदमाश सिपाहियों को पीटने लगे।
इस बीच रामवीर भागकर मलखान के घर में घुसने लगा। उसे खींचकर बाहर निकाल लिया गया।
पढ़ें-अब मीडिया से बदसुलूकी पर उतरे आजम
इसके बाद बदमाशों ने दंपति पर तब तक गोलियां चलाईं जब तक वे गिरकर मर नहीं गए। हत्या के बाद बदमाश इत्मिनान से फरार हो गए।
सूचना पर दंपति के परिवार से काफी लोग वहां पहुंचे। पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी पहुंच गए।
ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ हंगामा किया। तीन घंटे तक शव नहीं उठने दिए गए। बाद में पुलिस जबरन शवों को पोस्टमार्टम के लिए बागपत ले गई।