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अखिलेश बोले, 'एक्सप्रेस वे व मेट्रो से नहीं साहित्य व परंपराओं से होता है विकास'

Sun, 01 May 2016 02:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि साहित्य, संस्कृति और परंपराओं को छोड़कर किया गया विकास अधूरा है। संस्कृति व परंपराओं को बढ़ाए बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता।
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हम चाहे जितनी तरक्की कर लें, खुशहाली ले लाएं, एक्सप्रेस-वे, मेट्रो बनवा लें, लेकिन यदि साहित्य और परंपराओं को छोड़ा तो विकास अधूरा रह जाएगा। हमारे यहां गाने भी चांद पर जाने के गाए जाते हैं। परंपराओं और संस्कृति को बढ़ाकर ही देश आगे बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आईएएस अधिकारी पार्थ सारथी सेन शर्मा की पुस्तक ‘हम हैं राही प्यार के’ का विमोचन करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समाजवादियों के बारे में पता नहीं क्या-क्या सोचा जाता है, जबकि असलियत यह है कि विश्व में पहली बार महिला दिवस अमेरिका में समाजवादियों ने मनाया था।
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उन्होंने कहा, पहले यह किताब अंग्रेजी में ‘लव साइड बाई साइड’ शीर्षक से लिखी गई थी। तब कुछ लोगों तक सीमित थी, हिंदी अनुवाद आने पर अधिक से अधिक लोग इसे पढ़ सकेंगे। पार्थ सारथी सेन शर्मा ने मुख्यमंत्री, सांसद डिम्पल यादव, वसीम बरेलवी, अनुवादक श्वेता भट्ट और प्रकाशक का आभार जताया।
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सख्त अधिकारी ने कैसे लिखी किताब

मुख्यमंत्री ने कहा, जब पार्थसारथी सेन शर्मा ने मुझे बताया कि उन्होंने किताब लिखी है तो मैं सोच में पड़ गया। उनकी छवि एक सख्त अफसर की है। इस किताब को पढ़ेंगे तो लगेगा कि इसमें मेरी कहानी तो नहीं है। सीएम ने उम्मीद जताई कि पार्थसारथी की और किताबें जल्द आएंगी।

नेताजी बोले, वसीम बरेलवी से अच्छा कोई नाम नहीं
अखिलेश यादव ने वसीम बरेलवी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता स्वीकार कर ली है। मैंने नेताजी (मुलायम सिंह यादव) के सामने इनका नाम रखा तो उन्होंने कहा कि इससे अच्छा नाम कोई और नहीं हो सकता। अब सदन में उनका साथ मिलेगा।

पार्थसारथी की पत्नी हैं उनकी प्रेरणा : डिम्पल
सांसद डिम्पल यादव ने कहा कि यदि प्लानिंग के मुताबिक जीवन चलने लगे तो रोमांच नहीं रह जाता। पार्थ सारथी की प्रेरणा उनकी पत्नी हैं। जिसके साथ परिवार खड़ा होता है, वही आगे बढ़ता है।
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