मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि साहित्य, संस्कृति और परंपराओं को छोड़कर किया गया विकास अधूरा है। संस्कृति व परंपराओं को बढ़ाए बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता।
हम चाहे जितनी तरक्की कर लें, खुशहाली ले लाएं, एक्सप्रेस-वे, मेट्रो बनवा लें, लेकिन यदि साहित्य और परंपराओं को छोड़ा तो विकास अधूरा रह जाएगा। हमारे यहां गाने भी चांद पर जाने के गाए जाते हैं। परंपराओं और संस्कृति को बढ़ाकर ही देश आगे बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री शनिवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आईएएस अधिकारी पार्थ सारथी सेन शर्मा की पुस्तक ‘हम हैं राही प्यार के’ का विमोचन करने के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समाजवादियों के बारे में पता नहीं क्या-क्या सोचा जाता है, जबकि असलियत यह है कि विश्व में पहली बार महिला दिवस अमेरिका में समाजवादियों ने मनाया था।
उन्होंने कहा, पहले यह किताब अंग्रेजी में ‘लव साइड बाई साइड’ शीर्षक से लिखी गई थी। तब कुछ लोगों तक सीमित थी, हिंदी अनुवाद आने पर अधिक से अधिक लोग इसे पढ़ सकेंगे। पार्थ सारथी सेन शर्मा ने मुख्यमंत्री, सांसद डिम्पल यादव, वसीम बरेलवी, अनुवादक श्वेता भट्ट और प्रकाशक का आभार जताया।