अखिलेश को एयरपोर्ट पर रोके जाने के मामले पर विपक्षी दल अखिलेश के सर्मथन में उतर आए हैं। आम आदमी पार्टी व बसपा ने पूर्व सीएम को रोके जाने की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे लोक तंत्र की हत्या बताया है।
अखिलेश को रोकना लोकतंत्र की हत्या: संजय सिंह
आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद व यूपी के प्रभारी संजय सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ द्वारा मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इलाहाबाद जा रहे सपा के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अमौसी एयरपोर्ट पर रोके जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार की इस कार्यवाही को लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार विपक्षी नेताओं की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है, ताकि सरकार की नाकामियों को छिपाया जा सके।
आप सांसद ने कहा कि यूपी में आपातकाल जैसे हालात हैं लोगों की आवाज को दबाकर सरकार जनता को एक बार फिर से धोखा देने में जुटी है। उन्होंने कहा कि अपराध चरम पर है। रेप, हत्या, लूट की घटना तो आम बात हो गई है।
अखिलेश को मिला मायावती का साथ, इलाहाबाद न जाने देने की निंदा की
पूर्व मुख्यमंत्री व सपा मुखिया अखिलेश यादव को इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ के वार्षिकोत्सव उद्घाटन समारोह में जाने से रोके जाने पर बसपा अध्यक्ष मायावती का उम्मीद भरा साथ मिला है। बसपा सुप्रीमो ने सपा मुखिया को इलाहाबाद न जाने देने के लिए प्रदेश सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने सरकार की ऐसी कार्यवाही के लिए डटकर मुकाबले का एलान किया है।
मायावती ने एक बयान में कहा कि सपा मुखिया को इलाहाबाद जाने देने की जगह लखनऊ में अमौसी एअरपोर्ट पर रोकना अतिनिंदनीय, राजनीतिक द्वेष से प्रेरित सरकारी कदम है। यह बीजेपी सरकार की तानाशाही व लोकतंत्र की हत्या का प्रतीक है। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि बीजेपी की केन्द्र व राज्य सरकार बसपा व सपा गठबंधन से इतनी ज्यादा भयभीत व बौखला गई है कि अब उन्हें अपनी राजनीतिक गतिविधि व पार्टी प्रोग्राम आदि न करने देने व रोक लगाने पर तुल गई है। उन्होंने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि ऐसी अलोकतांत्रिक कार्रवाईयों का हर स्तर पर डटकर मुकाबला किया जाएगा।
मायावती ने कहा कि बीजेपी सरकार धर्म के साथ-साथ कुंभ का भी राजनीतिक तौर पर अपहरण कर इसको भी चुनावी स्वार्थ के लिए भुनाने के प्रयास में लगी हुई लगती है। अखिलेश यादव को प्रयागराज नहीं जाने देने की कार्रवाई स्पष्टत: इसी प्रयास का ही परिणाम लगता है।
इससे पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने मंगलवार सुबह प्रयागराज जा रहे सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट पर रोक दिया गया। उन्हें प्राइवेट प्लेन से प्रयागराज जाना था। लगभग 11 बजे एयरपोर्ट पहुंचे सपा अध्यक्ष को वीआईपी हैंगर में पहले से मौजूद एडीएम पूर्वी वैभव मिश्रा और सीओ कृष्णानगर लाल प्रताप सिंह ने प्लेन पर चढ़ने से रोकने का प्रयास किया। अखिलेश को हाथ लगाकर रोकने का प्रयास कर रहे एडीएम को उनके सुरक्षाकर्मियों ने धक्का देकर पीछे किया। काफी देर तक चली बहस के बाद अखिलेश वापस लौट गए। उधर पार्टी अध्यक्ष को रोके जाने की सूचना के बाद लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में सपाई आक्रोशित होकर सड़क पर उतर आए। राजधानी में राजभवन के गेट का घेराव कर योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। राज्यपाल के मौजूद न होने के कारण बुधवार को मुलाकात का समय लेकर सब वापस चले गए।
सपा अध्यक्ष के प्रयागराज जाने को लेकर बीते 24 घंटे से सियासत गर्म थी। इलाहाबाद विवि में जहां एबीवीपी उनके कार्यक्रम का विरोध कर रही थी, वहीं प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था खराब होने की बात कहकर उन्हें वहां जाने नहीं देना चाहती थी। इसी का परिणाम मंगलवार सुबह एयरपोर्ट पर देखने को मिला। प्रयागराज जाने के लिए निकले अखिलेश को एयरपोर्ट पर ही रोकने के पूरे इंतजाम प्रदेश सरकार ने किए हुए थे। लगभग 10.30 बजे एयरपोर्ट पहुंचे अखिलेश जब वीआईपी हैंगर के बाहर अपने चार्टड प्लेन के पहुंचे तो वहां पहले से एयरपोर्ट प्रशासन और उनके सुरक्षाकर्मियों के साथ एडीएम पूर्वी वैभव मिश्रा और सीओ कृष्णानगर लाल प्रताप सिंह फोर्स के साथ मौजूद थे। एडीएम ने उन्हें प्रयागराज जाने की सरकार से अनुमति न होने की बात कही और प्लेन के लिए आगे बढ़ते अखिलेश को रोकने की कोशिश की। एडीएम ने अखिलेश के आगे हाथ लगाया तो उनके सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें धक्का देकर पीछे कर दिया। प्रयागराज जाने के लिए अड़े सपा अध्यक्ष को कानून-व्यवस्था का हवाला देकर वापस ले जाने की कोशिश की गई। काफी देर तक वहां बहस हुई। लगभग तीन घंटे एयरपोर्ट पर रुककर उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया। इसके बाद वह लगभग दोपहर 1.10 बजे वापस पार्टी मुख्यालय के लिए वापस चल दिए।
ट्वीट करके दी रोके जाने की सूचना और प्रेस कांफ्रेंस बुलाई
इस पूरे प्रकरण को दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लगभग 11 बजे ट्वीट करके बिना किसी लिखित आदेश के रोकने का प्रयास करने की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें एयरपोर्ट पर जबरन रोका गया है। यह साफ है कि सरकार छात्र संघ के शपथ ग्रहण समारोह से डर रही है। बीजेपी जानती है कि महान देश के युवा अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस ट्वीट के बाद ही सपा नेता और कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। कई एमएलसी व विधायक एयरपोर्ट पहुंचकर प्रदर्शन भी करने लगे। अखिलेश के एयरपोर्ट से लौटने के बाद ही वह भी साथ में वापस आ गए। इसी बीच उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रेस कांफ्रेंस भी बुलाई। जिसमें योगी सरकार को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। कहा कि भाजपा ट्विटर और इंटरनेट टेरेरिस्ट तैयार कर रही है। जो सोशल मीडिया पर आतंक फैला रहे हैं।