समाजवादी सरकार और परिवार में चल रहा सत्ता संघर्ष मंगलवार रात इतना बढ़ गया कि काबीना मंत्री शिवपाल यादव ने अखिलेश सरकार से इस्तीफा देने का निश्चय कर लिया। बुधवार सुबह सैफई से लखनऊ पहुंचते ही शिवपाल मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं।
कलह का यह ताजा दौर दो मंत्रियों की बर्खास्तगी से शुरू हुआ था। मंगलवार सुबह सीएम अखिलेश यादव और आगे बढ़े और उन्होंने दीपक सिंघल को मुख्य सचिव पद से हटाकर राहुल भटनागर की ताजपोशी कर दी। इससे खफा सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने शाम आते-आते अखिलेश यादव को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर शिवपाल सिंह यादव को कमान सौंप दी।
शह-मात का खेल रात तक चला। रात 9.30 पर अखिलेश ने शिवपाल यादव को सौंपे सिंचाई, लोक निर्माण, सहकारिता व राजस्व जैसे अहम विभाग वापस लेते हुए उनका कद घटा दिया। खफा शिवपाल ने सरकार छोड़ने का मन बना लिया।
शिवपाल से सभी अहम विभाग छीने
अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वरिष्ठ मंत्री शिवपाल सिंह यादव को सौंपे गए सभी महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी वापस ले ली। राज्यपाल राम नाईक ने मुख्यमंत्री केप्रस्ताव पर शिवपाल के अहम विभागों को मुख्यमंत्री सहित अन्य मंत्रियों को आवंटित कर दिया है। शिवपाल को समाज कल्याण विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह सीएम अखिलेश का उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने पर पलटवार था। शिवपाल इससे और खफा हो गए। उन्होंने सैफई से ही मुलायमसिंह से फोन पर बात की। कहा, इन हालात में वे काम नहीं कर सकते, इसलिए मंत्री पद छोड़ रहे हैं।
शिवपाल के पास लोक निर्माण, सिंचाई, सहकारिता, बाढ़ नियंत्रण, भूमि विकास एवं जल संसाधन, परती भूमि विकास,राजस्व अभाव सहायता एवं पुनर्वास तथा लोक सेवा प्रबंधन विभाग थे। मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर राज्यपाल ने लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री को सौंपी है। होमगार्ड व प्रांतीय रक्षक दल महकमे के मंत्री
चौधरी से समाज कल्याण विभाग लेकर शिवपाल को दे दिया गया
अखिलेश यादव
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अवधेश प्रसाद को उनके वर्तमान प्रभार के साथ सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग का अतिरिक्त प्रभार आवंटित कर दिया है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षामंत्री बलराम यादव को राजस्व, अभाव, सहायता एवं पुनर्वास तथा लोक सेवा प्रबंधन व सहकारिता विभाग का अतिरिक्त प्रभार आवंटित किया है।
वरिष्ठ मंत्री राम गोविंद चौधरी के पास समाज कल्याण, पंचायतीराज, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, सैनिक कल्याण का प्रभार था। चौधरी से समाज कल्याण विभाग लेकर शिवपाल को दे दिया गया है। चौधरी के पास बाकी विभाग बने रहेंगे। शिवपाल के पास अब भूमि विकास एवं जल संसाधन तथा परती भूमि विकास के अलावा समाज कल्याण विभाग रहेगा।