सपा अध्यक्ष ने कहा, प्रदेश अब गांधी, डॉ. लोहिया और डॉ. आंबेडकर के विचारों पर चलेगा। भ्रष्टाचार, जातिवाद, गुंडागर्दी और बेईमानी की राजनीति अब नहीं चलेगी। सपा भविष्य की राजनीति में विकास के लिए आगे कदम उठाती रहेगी। उन्होंने खुशी जताई कि जनता ने भाजपा सरकार द्वारा सपा के कामों के प्रति दुष्प्रचार को नकार कर जनहित के कामों और राज्य के विकास के लिए समाजवादी सरकार के प्रयासों को याद रखा है।
भाजपा ने की दबाव की राजनीति
अखिलेश ने कहा, विधानसभा उपचुनावों को जीतने के लिए भाजपा ने दबाव की राजनीति पहले से ही शुरू कर दी थी। सपा कार्यकर्ताओं को फर्जी मुकदमों में फंसाने के साथ प्रमुख नेताओं के खिलाफ पुलिस लग गई थी।
सीएम ने तो उपचुनाव वाले सभी क्षेत्रों का दौरा कर धमकी दी कि विपक्ष को सबक सिखाना है। इससे प्रशासनिक मशीनरी ने पक्षपातपूर्ण ढंग से सत्तारूढ़ दल को जिताने के हथकंडे किए। विपक्ष को अपमानित करने के कदम उठाए। लेकिन जनता ने भाजपा को करारा जवाब दे दिया है।
अखिलेश ने कहा, ढाई वर्ष में भाजपा सरकार ने जनविरोधी नीतियों से राज्य को तबाह कर दिया है। विकास में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं रही है। भाजपा नेताओं का दंभ बढ़ गया था। इसलिए जनता से इसे तोड़ा है।