अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा बदले की भावना से प्रेरित होकर राज्यों के साथ जो व्यवहार कर रही है उसमें राज्यपालों की भूमिका विचारणीय है। कायदे से उत्तर प्रदेश हो या पश्चिम बंगाल, राज्यपालों की भूमिका संविधान की परिधि में ही होनी चाहिए पर ऐसा भाजपा राज में नहीं होता है। दोनों की कसौटियां भिन्न हैं।
पश्चिम बंगाल में राज्यपाल अनावश्यक हस्तक्षेप करते रहते हैं जबकि उत्तर प्रदेश में राज्यपाल सिर्फ सलाहकार की भूमिका में हैं। यह अलग बात है कि चाहे कानून व्यवस्था की बदहाली हो या स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा अथवा कोरोना-फंगस से निपटने में घोर लापरवाही, यहां राज्यपाल या तो स्वतः अनभिज्ञ रहती हैं या फिर राज्य सरकार उनकी सलाहों को अहमियत नहीं देती है।