मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र के स्तर पर लखनऊ मेट्रो की मंजूरी अटकी होने, राष्ट्रीय राजमार्गों की बदहाली तथा बिजली व कोयले से जुड़े मामलों का अब तक निस्तारण न होने का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
मुख्यमंत्री रविवार को नई दिल्ली में नीति आयोग की शासी परिषद की पहली बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने केंद्र के स्तर पर प्रदेश के लंबित प्रस्तावों व स्वीकृतियों पर तेजी से फैसले के लिए नीति आयोग व पीएमओ में प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप (पीएमजी) के गठन का सुझाव दिया।
अखिलेश ने लखनऊ मेट्रो की स्वीकृति अटके होने का उल्लेख करते हुए बताया कि इसकी सैद्धांतिक सहमति और बजट प्राविधान, केंद्र्र पहले ही कर चुका है।
इसके बावजूद स्वीकृति अटकी हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से लखनऊ मेट्रो को तत्काल मंजूरी देनी की मांग की।