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मोदी के हिट फॉर्मूले को यूपी में आजमाएंगे टीपू

Sat, 08 Nov 2014 01:25 PM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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राज्य सरकार गुजरात व मध्यप्रदेश की तर्ज पर सूबे में भी ग्लोबल इन्वेस्टर समिट (जीआईएस) करने की योजना बना रही है। अप्रैल-2015 में प्रस्तावित इस समिट में दुनिया भर कई नामचीन कंपनियों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा।
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गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए वाइब्रेंट गुजरात समिट का आयोजन शुरू किया था। इसी का नतीजा था कि मंदी के दौरान जब निवेशक कहीं भी निवेश करने में संकोच कर रहे थे, तब भी उन्होंने खुलेमन से गुजरात में निवेश किया था।

उधर, मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार भी इस तरह का ग्लोबल इन्वेस्टर समिट करती है। इंदौर में 9 से 11 अक्तूबर के बीच ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का आयोजन हुआ।
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इसमें देश-विदेश के कई नामचीन उद्योगपतियों के साथ 18 देशों के राजदूत भी शामिल हुए। चौहान सरकार ने हर तीसरे साल होने वाले इस समिट के लिए 2016 की तिथि भी तय कर दी है।
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राजधानी लखनऊ में भी कराने का प्रस्ताव

सूबे के मुख्य सचिव और अवस्थापना व औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक रंजन ने बृहस्पतिवार को ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की योजना पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ चर्चा की। रंजन ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि इस समिट को आगरा में करने का प्रस्ताव है। यह तीन दिनों का होगा। पर, इसे राजधानी लखनऊ में करने का भी सुझाव आया है।

इसके पीछे तर्क है कि लखनऊ में समिट के आयोजन से निवेशकों का मध्य व पूर्वी यूपी में निवेश पर फोकस बढ़ेगा। दरअसल औद्योगीकरण के लिहाज से ये क्षेत्र काफी पिछड़े हैं। पश्चिमी यूपी पहले से ही निवेश के लिहाज से बेहतर स्थिति में है। ऐसे में इस सुझाव पर भी विचार किया जाएगा।

मुख्य सचिव आलोक रंजन ने अपने बयान में कहा कि बड़े स्तर पर किसी भी आयोजन में काफी वक्त लगता है। लिहाजा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट अप्रैल-2015 में करने की योजना है। इसमें सिर्फ भारी उद्योग व मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर ही फोकस नहीं रहेगा बल्कि लघु उद्योगों को भी बराबर महत्व दिया जाएगा।
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