फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

DENGUE: प्लेटलेट्स की कमी को न बनाएं हौव्वा

Sat, 08 Nov 2014 12:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
गोमतीगनर के भरवारा गांव में मच्छरजनित रोग फैलने से दो लोगों की मौत के सफाई अभियान शुरू हो गया। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर पार्कों और सड़कों पर गंदगी को हटाया गया। वहीं, इलाके में फॉगिंग और एंटीलार्वा का छिड़काव कराया गया।
विज्ञापन


गोमतीनगर के विराजखंड में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची तो लोगों ने राहत की सांस ली। टीम ने घर-घर जाकर दवाएं बांटी।

इलाके में गंदगी और चोंक नालियों और सीवर को साफ कराया। क्षेत्र के सभाषद दिनेश यादव ने बताया कि जो भी लोग बीमार थे, उनको सीएचसी पर बुलाया गया है।

ब्लीडिंग होने पर घबराए नहीं
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे बताते हैं कि डेंगू मरीज को ब्लीडिंग या शरीर पर लाल चक्ते पड़ने पर उसकी हालत बिगड़ सकती है।

लोगों को ये भ्रम है कि प्लेटलेट्स चढ़ाने से सब कुछ ठीक हो जाता है। मसूड़ों, कान, नाम, मुंह या मल द्वार से खून निकलने लगे तो घबराने की बजाए तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

ऐसी स्थिति में आईजी-आईजीएम और एनएस-वन जांच के बाद ही प्लेटलेट्स चढ़ाने का फैसला किया जाता है। सामान्य स्थिति में मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाने से उसको संक्रमण का खतरा अधिक रहता है।
विज्ञापन

तरल पदार्थ का सेवन करें

डेंगू के मरीज को खानपान का खास ख्याल रखने के साथ तरल पदार्थ का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए। मुख्य रूप से दाल का पानी, फल का जूस, सूप, दूध, दही, दलिया, पतली खिचड़ी आदि का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए।

डेंगू के मरीज का खाना किसी हालत में बंद नहीं होना चाहिए। खाना बंद होते ही इम्यून सिस्टम कमजोर होगा और मरीज की हालत बिगड़ सकती है।

दर्द निवारक दवाएं खतरनाक
फिजिशियन डॉ. वीके मलिक बताते हैं कि डेंगू फीवर में दर्द निवारक दवाएं खतरनाक होती हैं। डेंगू फीवर की पुष्टि होने के बाद एसिप्रिन, डायक्लोफेनिक और ब्रुफेन जैसी दूसरी दवाओं के सेवन से बचना चाहिए।

डेंगू की पुष्टि के बाद इन दवाओं के सेवन से ब्लीडिंग का खतरा अधिक रहता है जो मरीज के लिए जानलेवा है। ऐसी स्थिति में बिना डॉक्टरी सलाह के दवा का सेवन नहीं करना चाहिए।

गलत दवाओं के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता तेजी से कम होती है और मरीज का स्वास्थ्य दोगुनी तेजी से गिरता है।
विज्ञापन

इन बातों का रखें ध्यान

ऐसा खानपान
•फल का अधिक सेवन करें
•ताजे फल का जूस पिएं
•दाल के पानी का सेवन करें
•सूप और दूध अधिक पिएं

डेंगू के लक्षण
•त्वचा का लाल होना और चकते पड़ना
•नाक और मसूड़ों से खून निकलना
•बार-बार उल्टी होना और गला जाम होना
•त्वचा खुरदरी होने के साथ रूखी पड़ जाना
•कमजोरी के साथ सुस्ती और नींद आना
•आंख से आंसू आना और लाल होना

यह न करें
•बुखार में बाहर का भोजन न करें
•तली भूनी चीजों को खाने से बचें
•बासी और खुले में रखा खाना न खाएं
•फास्ट फूड के सेवन से खुद को बचाएं
•बुखार में गाड़ी कतई न चलाएं

बचाव के उपाय
•बारिश का पानी कहीं इकट्ठा न होने दें
•रात को सोते वक्त मच्छरदानी लगाए
•लूज टैबलेट्स का सेवन न करें
•बुखार में हाई डोज इंजेक्शन न लें
•फुल स्लीव की शर्ट पहनें

यहां करें शिकायत
किसी इलाके में अधिक लोग बीमार हैं और किसी में डेंगू की पुष्टि है तो सीएमओ कंट्रोल रूम के नंबर 0522-2622080 पर फोन कर इसकी जानकारी दे सकते हैं।

शिकायत दर्ज होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम संबंधित क्षेत्र का दौरा कर इलाके में साफ सफाई का अभियान चलाकर पीड़ितों के दवाएं बांटेगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें