फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चौधरी साहब के कार्यक्रम में नहीं पहुंचे अखिलेश

Mon, 23 Dec 2013 03:30 PM IST
महेंद्र तिवारी/लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर उनकी राजनीतिक विरासत को लेकर एक ओर विधानभवन के सामने छटपटाहट नजर आ रही थी तो दूसरी ओर राज्य स्तरीय किसान सम्मान समारोह सरकारी उपेक्षा का गवाह बन रहा था।
विज्ञापन


कृषि निदेशालय में वर्ष 2000 से ही चौधरी चरण सिंह की जयंती पर राज्य स्तरीय किसान सम्मान समारोह का आयोजन होता रहा है।

इस मौके पर कृषि मंत्री प्राय: अपने हाथों प्रदेश में सर्वाधिक अनाज उत्पादन वाले किसानों को सम्मानित करते रहे हैं।

मगर इस बार जिस तरह प्रदेश सरकार ने चौधरी साहब की जयंती पर अवकाश घोषित किया था, कृषि विभाग और किसानों को पूरी उम्मीद थी कि न सिर्फ विभागीय मंत्रीगण बल्कि मुख्यमंत्री तक इस समारोह में उपस्थित हो सकते हैं।

मगर सोमवार को सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री की उपस्थिति तो दूर कृषि मंत्री आनंद सिंह भी नहीं पहुंचे।

यही नहीं किसानों के लिए लंबी-लंबी बात करने वाले विभाग के दो राज्यमंत्री राजीव प्रताप सिंह और मनोज पांडेय ने सम्मान समारोह में शामिल होना मुनासिब नहीं समझा।
विज्ञापन


कृषि विभाग में सरकार ने राम पूजन पटेल को सलाहकार नियुक्त किया है। प्रदेश भर से जुटे किसानों के बीच पटेल भी नहीं पहुंचे। किसान इससे बेहद मायूस नजर आए।

प्रमुख सचिव देवाशीष पण्डा ने निदेशक कृषि देव मित्र सिंह व अन्य अफसरों की मौजूदगी में किसानों को पुरस्कृत किया।

विरासत को लेकर झगड़ पड़े कार्यकर्ता
चौधरी चरण सिंह की जयंती पर उनकी विरासत को लेकर सरकार और रालोद के बीच छटपटाहट साफ नजर आई। विधानभवन के सामने चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण का कार्यक्रम तय था।

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को यहां उपस्थित होना था। इस बीच रालोद कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए।

मगर पुलिस ने रालोद कार्यकर्ताओं को प्रतिमा पर माल्यार्पण करने से जाने से रोक दिया जिससे उनके बीच झड़प की नौबत आ गई। बाद में मुख्यमंत्री पहुंचे और कार्यक्रम आयोजित हुआ।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें