योग गुरु रामदेव का कहना है कि वे जीवन में भी चुनाव नहीं लड़ेंगे।
न ही कभी उन्होंने किसी राजनीतिक दल को राजनीतिक तौर पर समर्थन दिया और न देंगे। इसे उन्होंने अपनी ‘अखंड प्रतिज्ञा’ बताते हुए कहा कि राजनीति में आना उनके लिए कोई विकल्प नहीं है।
रामदेव ने कहा कि नरेंद्र मोदी को वे पूरा समर्थन देते हैं, और उनकी बातों पर विश्वास करते हैं। पार्टी के तौर पर बीजेपी पर उन्हें विश्वास नहीं है, क्योंकि कोई भी पार्टी भ्रष्टाचार से अछूती नहीं है।
रामदेव सोमवार को राजधानी में योग शिक्षकों व कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शामिल थे।
पतंजलि योग समिति और भारत स्वाभिमान ट्रस्ट द्वारा करवाए इस आयोजन में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ 2014 के आम चुनावों से पहले मार्च में धर्मयुद्ध छेड़ने की बात कही।
रामदेव ने कहा कि 2014 के चुनाव से पहले इस धर्म युद्ध के जरिए वे कांग्रेस के शासन काल में हुए घोटालों और कालेधन को लेकर लोगों को जागरुक करेंगे। उत्तर प्रदेश में अमेठी और रायबरेली उनके विशेष केंद्र में रहेगा।
साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में स्वाभिमान ट्रस्ट को मजबूत किया जाएगा। 23 मार्च को योग महोत्सव का आयोजन किया जाएगा जिसमें वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया जाएगा।
साथ ही रामदेव ने दावा किया कि 2014 के चुनाव ऐतिहासिक होंगे। क्योंकि इसके बाद कांग्रेस इतिहास की बात हो जाएगी। सोनिया गांधी और राहुल गांधी की जमानत जब्त हो जाएंगी। लोग किताबों में पढ़ेंगे कि एक कांग्रेस पार्टी हुआ करती थी।
वहीं प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा को उन्होंने राष्ट्रीय दामाद की तरह रखने के लिए कांग्रेस की आलोचना की और कहा कि उसकी सरकार जाने के बाद ही उसके काले कारनामे खुलेंगे।
हरियाणा और राजस्थान में जमीनों पर कब्जे के मामलों में उसे जेल होगी।
सपा से कोई पैक्ट नहीं
एक सवाल के जवाब में रामदेव ने उत्तर प्रदेश सरकार से किसी किस्म की राजनीतिक डील से साफ इनकार किया और कहा कि सपा से कोई पैक्ट नहीं किया गया है।
वे किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं हैं, बल्कि सत्ता में सत्य को प्रतिष्ठित करने की सोच रखने वाले प्रत्याशियों और नेताओं का समर्थन करते हैं।
आप भी हो जाएगी करप्ट
दिल्ली में सत्ता पा रही आम आदमी पार्टी को उन्होंने आने वाले समय में भ्रष्ट होने की बात कही। उन्होंने कहा कि हर राजनीतिक दल में भ्रष्टाचार मौजूद है, कहीं कम तो कहीं ज्यादा।
जरूरत इस बात की है कि शीर्ष नेतृत्व कितना ईमानदार है। यही वजह है कि वे बीजेपी के बजाय मोदी पर भरोसा जता रहे हैं।
काला धन और भ्रष्टाचार सबसे बड़ा मुद्दा
हालांकि रामदेव खुद को चुनाव लड़ने से दूर बता रहे हैं, लेकिन उनकी भावी गतिविधियां पूरी तरह राजनीतिक ही रहने वाली हैं।
आगामी आम चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करके वे लोगों के बीच काला धन और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर जागरुकता जगाएंगे। चुनावों मे धर्म और जाति के बजाए भ्रष्टाचार के आधार पर लोग वोट डालेंगे।
हालांकि साथ ही राममंदिर पर बीजेपी के रुख पर उन्होंने असंतोष जताया और कहा कि हालांकि यह एक आस्था और आध्यात्म का मसला है, लेकिन बीजेपी का मंदिर मुद्दे से दूर हटना सही नहीं है।