केंद्र सरकार द्वारा चलाए गए 'स्वच्छ भारत अभियान' में प्रधानमंत्री मोदी के नवरत्नों में नामांकित हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को राजधानी में डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में आयोजित एक समारोह में न सिर्फ मोदी पर हमला किया बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री और भाजपा के पितामह अटल बिहारी वाजपेयी को भी नहीं बख्शा।
अखिलेश ने कहा कि मोदी बड़े मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए इस तरह की हरकतें कर रहे हैं। वह मुख्य समस्याओं से जनता का ध्यान हटाना चाहते हैं।
अखिलेश ने वाजपेयी का नाम लिये बगैर कहा कि एक पुराने प्रधानमंत्री थे जिन्होंने लखनऊ में कूड़े से बिजली बनाने का कारखाना तो लगाया लेकिन इससे एक भी दिन बिजली बन नहीं पाई। बाद में कहा गया कि लखनऊ में कूड़े की गुणवत्ता ठीक नहीं है।
इसे भाजपा पर अखिलेश की बौखलाहट के रूप में देखा जा रहा है।
इस तरह मोदी को घेरा
सफाई के लिए झाड़ू उठाने के बजाय अखिलेश ने मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि आज बेरोजगारी, कालाधन और महंगाई पर बात न करके इन सब पर झाड़ू मारा जा रहा है। असली मुद्दों पर पर्दा डालकर उलझाने के लिए दूसरे मुद्दे लाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, आज बेरोजगारी व महंगाई कैसे कम हो, काला धन कैसे वापस आए इन सब पर कोई बात नहीं हो रही है।
बड़ी चतुराई से देश का ध्यान इन मुद्दों से हटा दिया गया है। इन पर बहस न हो इसलिए दूसरे मुद्दों में देश को उलझाया जा रहा है। आज जरूरत है कि देश में बेरोजगारी, महंगाई व कालाधन मामले पर ही बहस हो। इसी से देश का भला हो सकता है।
अखिलेश ने मोदी के सफाई अभियान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केवल सफाई से काम नहीं चलेगा। सफाई को पर्यावरण से भी जोड़ना होगा।
की पर्यावरण पर की गई कोशिशों की तारीफ
अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी सफाई व पर्यावरण संरक्षण के पक्ष में काफी पहले से है। न सिर्फ सफाई हो बल्कि पर्यावरण भी सुरक्षित रहे तभी हमारा देश स्वस्थ होगा।
उन्होंने कहा, सपा काम में तो आगे है लेकिन प्रचार में काफी पीछे है। इसलिए हमें भी प्रचार में आगे आना होगा। सफाई अभियान के साथ ही सांप्रदायिक ताकतों की किस प्रकार सफाई हो यह भी हमें देखना होगा।
ये बहुत चालू लोग हैं इनसे निपटने के लिए समाजवादियों को बुद्धि व दांव दोनों का इस्तेमाल करना होगा।