लखनऊ। अजीत सिंह हत्याकांड के गवाह मोहर सिंह ने अपनी जान की रक्षा के लिए सुरक्षा मुहैया करने की मांग वाली अर्जी कोर्ट में दी। एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश हरबंस नारायण ने गवाह को सुरक्षा दिए जाने के लिए बनी विशेष कमेटी को पत्र लिखकर इस संबंध में कार्यवाही करने के लिए कहा है।
मोहर सिंह के वकील ने अर्जी देकर बताया कि गवाह पूर्व में अन्य मामले में जेल में बंद था। इस मामले में गवाही देने के चलते उसकी जान को खतरा है। लिहाजा, कोर्ट ने मोहर सिंह को सुरक्षा मुहैया कराई थी, लेकिन अभी मोहर सिंह जेल से बाहर आ गया है। ऐसे में उसे मुकदमा चलने तक सुरक्षा दी जाए।
अर्जी में कहा गया कि गवाह ने गत 17 जुलाई को अपनी मुख्य परीक्षा कोर्ट में दर्ज कराई थी और उससे आरोपियों की ओर से जिरह की जा रही है। इसके चलते आरोपी तिलमिलाए हुए हैं। अर्जी में कहा गया कि मोहर सिंह को पता चला है कि उसे गवाही देने से रोकने के लिए जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह, ध्रुव सिंह, अखंड प्रताप सिंह और प्रदीप सिंह कबूतरा उसकी हत्या की योजना बना रहे हैं। इसके लिए आरोपियों ने भाड़े के हत्यारों की व्यवस्था की है, जो उसकी हत्या करने के लिए लगातार रेकी कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि छह जनवरी को अजीत सिंह की विभूतिखंड क्षेत्र में 25 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना की रिपोर्ट मोहर सिंह ने विभूतिखंड थाने में दर्ज कराई थी। इस मामले की एसटीएफ ने धनंजय सिंह के खिलाफ जानकारी होने के बावजूद एक आरोपी को बचाने के लिए सूचना न देने के आरोप में चार्जशीट दाखिल की थी।
गवाह से जिरह छह नवंबर को
लखनऊ। मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के उपप्रमुख अजीत सिंह की विभूतिखंड में गोली मारकर हत्या करने और अन्य पर जानलेवा हमला करने के मामले में गवाह मोहर सिंह से आरोपी रेहान की तरफ से गवाही पूरी हो गई। जिरह के दौरान गवाह ने बताया कि घटना वाले दिन वह मृतक अजीत सिंह के साथ था और उसके सामने ही ताबड़तोड़ गोलियां मारकर उनकी हत्या की गई थी। एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश हरबंस नारायण ने मामले में गवाह मोहर सिंह से शेष आरोपियों की ओर से जिरह करने के लिए छह नवंबर की तारीख तय की है। (संवाद)