लखनऊ। नेशनल पीजी कॉलेज में प्रबंधन अध्ययन संकाय और कंप्यूटर साइंस विभाग की ओर से सात दिवसीय फैकल्टी डवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ प्राचार्य प्रो. देवेंद्र सिंह ने किया।
मुख्य वक्ता भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) लखनऊ के प्रो. अरुणाभ उपाध्याय ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल अनुसंधान में सटीक परिणाम लाने के लिए किया जाए तो शोध में गुणवत्ता आएगी। प्राचार्य प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आर्यभट्ट ने अनुसंधान के माध्यम से शून्य की खोज की तो ब्रह्मगुप्त ने गणितीय तत्वों को परिभाषित किया। यह भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और सीखने के कौशल का बेहतरीन उदाहरण है।
डॉ. राकेश जैन ने अंतरविषयी अध्ययन और शोध की महत्ता पर जोर दिया। समन्वयक डॉ. शालिनी लांबा ने बताया कि यह कार्यक्रम एक सप्ताह चलेगा। इस मौके पर प्रो. दिवाकर यादव, डॉ. गगनदीप, डॉ. निधि आदि शिक्षक मौजूद रहे।