यूपी विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में अपनी छवि विकास पुरूष की बनाने के लिए अखिलेश यादव अपने ड्रीम प्रोजेक्ट एक्सप्रेस वे को पूरा कर लेना चाहते हैं।
इस आगरा-लखनऊ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के निर्माण को लेकर 87 निर्माण एजेंसियों ने रुचि दिखाई है।
रिक्वेस्ट फॉर क्वालीफिकेशन (आरएफक्यू) के मूल्यांकन के बाद रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी कर निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा।
आचार संहिता खत्म होने के बाद काम शुरू
यह काम लोकसभा चुनाव की आचार संहिता खत्म होने के बाद ही हो पाएगा। प्रदेश सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस- वे का काम अपने संसाधन से आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
इसके अंतर्गत निर्माण एजेंसियों के चयन के लिए आरएफक्यू आमंत्रित किए गए थे।
इसमें 87 निर्माण एजेंसियों ने आवेदन किया है। शासन को इन एजेंसियों के आवेदन का मूल्यांकन कर आरएफपी जारी कर बिड की कार्यवाही करनी है। इसके लिए चुनाव आयोग से इजाजत मांगी गई थी।
आयोग ने किया इंकार
विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आयोग ने बिड से जुड़ी कार्यवाही चुनाव तक न करने को कहा है।
आयोग के निर्णय के अनुसार अब आरएफक्यू का मूल्यांकन व बिड की कार्यवाही चुनाव बाद ही शुरू होगी। पहले इसके लिए 24 अप्रैल की तिथि प्रस्तावित थी।
प्रदेश सरकार इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य तेजी से करना चाहती है। इस परियोजना पर करीब 8944 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इसे इंजीनियरिंग प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) मॉडल पर विकसित करने का फैसला पहले ही हो चुका है।