बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के भाई व सांसद अफजाल अंसारी दोबारा एलडीए अपने बंगले के शमन मानचित्र को निरस्त किए जाने और अवैध निर्माण घोषित करने की कार्रवाई में अपना पक्ष रखने पहुंचे। सांसद के साथ उनकी पत्नी फरहत अंसारी व बेटियां भी पहुंचीं। एलडीए वीसी शिवाकांत द्विवेदी ने उनके प्रकरण को करीब डेढ़ घंटे तक सुना।
एलडीए के अधिकारियों का कहना है कि उनके गाटा संख्या 93 निष्क्रांत संपत्ति पर बताए जा रहे बंगले के निर्माण पर सुनवाई चल रही है। उनको पूरा मौका दिया गया है जिससे वह अपना पक्ष रख सकें। पिछले सोमवार को सुनवाई में उन्होंने बताया था कि उनका डालीबाग में बना उनका मकान गाटा संख्या 93 पर नहीं है। यह निर्माण गाटा संख्या 104 की जमीन पर है जिसका निष्क्रांत संपत्ति से कोई लेना-देना नहीं है। एलडीए ने उनके जबाव पर जिला प्रशासन से भी जमीन का सत्यापन करने को कहा था। वहां से दोबारा उनके बंगले 21/216ए के जियामऊ के गाटा संख्या 93 पर ही होने की सूचना दे दी गई है। इसके बाद सांसद अपनी पत्नी व भवन स्वामी फरहत अंसारी के साथ फिर से पक्ष रखने पहुंचे। सुनवाई के बाद बाहर निकलने पर उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई चल रही है। न्यायपालिका पर मुझे पूरा भरोसा है। वहां से हमें जरूर न्याय मिलेगा।
वकील से भी जबाव भिजवा सकते
सांसद व उनके पत्नी के बार-बार खुद सुनवाई में आने से एलडीए अधिकारी भी खुद को असहज पा रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अफजाल अंसारी से कहा गया है कि वह अपने वकील के माध्यम से भी जबाव दाखिल कर सकते हैं। अब देखना होगा कि अगली सुनवाई में वह इसे मानते हैं कि नहीं।
इधर, 16 भवनों की नई सूची ने बढ़ाई धड़कनें
जिला प्रशासन से एलडीए गाटा संख्या 93 की निष्क्रांत संपत्ति पर 16 और निर्माण की सूची भेजी गई है। पूर्व में नौ निर्माण का बयान जिला प्रशासन से आया था। हालांकि, नौ निर्माण की सूची एलडीए को नहीं मिली। अब 16 बिल्डिंग व निर्माण की सूची भेजी गई है। इसमें दो सरकारी बिल्डिंग शामिल हैं। वहीं डालीबाग में तिलक मार्ग पर मौजूद बंगले, अंदर के मकान, कई अपार्टमेंट इन निर्माण में शामिल हैं। एलडीए भी इनके मानचित्र स्वीकृत होने की जानकारी अपने यहां से जुटा रहा है। सभी बिल्डिंग के स्वामियों को नोटिस भी भेजे जाने के लिए तैयारी एलडीए की अब है। विधिक राय भी एलडीए पूरे प्रकरण पर ले रहा है।