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CPMT: केजीएमयू ने अभ्यर्थियों से मांगी माफी

Fri, 27 Jun 2014 09:40 AM IST
अमित यादव/अमर उजाला, लखनऊ
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सीपीएमटी सेल ने सीपीएमटी रद्द होने के लिए अभ्यर्थियों को ई-मेल भेजकर परेशानी पर खेद जताया है।
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सीपीएमटी सेल के चीफ कोआर्डिनेटर प्रो. एके सिंह ने बृहस्पतिवार को कुलपति कार्यालय में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में बताया कि सभी अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों विश्वास दिलाया गया है कि हर हाल में 100 फीसदी सुरक्षित परीक्षा कराई जाएगी।

इसके लिए सभी केजीएमयू पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पुलिस और शासन ने गाजियाबाद में पेपर लीक न होने की पुष्टि कर दी है। हालांकि कई स्तर की जांच अभी जारी है।
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भरोसा दिलाया, अब की होगी टाइट सुरक्षा

प्रो.ए.के.सिंह कहा कि सीपीएमटी सेल ने नई तिथि 20 जुलाई घोषित होने के बाद परीक्षा की तैयारियां शुरू कर दी है।

इस बार प्रश्न पत्रों की सुरक्षा की व्यवस्था और कड़ी की जाएगी, जिससे किसी भी तरह की गलती की संभावना ही न रहे। प्रो. सिंह ने कहा कि जिलों में प्रशासनिक स्तर पर काफी परेशानी उठानी पड़ी है।

जबकि शासन ने सभी जनपदों के जिलाधिकारियों को परीक्षा के बारे में जानकारी देते हुए पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने एसडीएम गाजियाबाद पर भी लापरवाही का आरोप लगाया।

प्रशासन ने भी की लापरवाही

प्रो.ए.के.सिंह ने बताया कि कुलपति प्रो. रविकांत ने स्वयं जिलाधिकारी गाजियाबाद एसबीएस रंगाराव से प्रश्न पत्रों के बॉक्स को खोलकर देखने के लिए कहा था।

लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी। उन्होंने एसडीएम गाजियाबाद पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। एसडीएम से स्टेट बैंक में रखे बॉक्स के टूटे पाए जाने के बाद इलाहाबाद बैंक चलने के लिए कहा गया तो उन्होंने मनाकर दिया।

शासन से शिकायत करने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने तेजी से कार्रवाई की। यहां तक कि ओएमआर सीटी ट्रेजरी में रखने से भी प्रशासनिक अधिकारियों ने मनाकर दिया था। इसके लिए भी शासन को सभी जिलाधिकारियों को दोबारा निर्देश देने पड़े।
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700 लोगों की टीम फिर से जुटी तैयारियों में

20 जुलाई को सीपीएमटी कराने के लिए 700 लोगों की टीम फिर से जुट गई है। इस बार सिक्योरिटी और कड़ा किया जा रहा है। बक्सों की मजबूती का भी ध्यान रखा जा रहा है।

इसके अलावा प्रश्न पत्र की दूसरी प्रति ट्रेजरी में रखने की व्यवस्था की जाएगी। प्रो.ए.के.सिंह ने बताया कि 15 शहरों के लिए 800 बक्सों में प्रश्न पत्र गए थे।

केजीएमयू से सभी जिलों में दो ऑब्जर्वर, जिनका कार्य प्रश्न पत्रों के बॉक्स को केंद्र व्यवस्थापकों को देना था।

इसके लिए भी दो ग्रुप बनाए गए थे। इनमें से ग्रुप बैंक से पेपर लेकर परीक्षा केंद्रों तक गया था। जबकि दूसरा अन्य व्यवस्थाओं के प्रबंधन में लगाया था।
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